जलती चिता से मानव मांस निकालकर खाने का वायरल वीडियो, किन्नर अघोरी गिरफ्तार; जांच में जुटी पुलिस

उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सनसनी फैल गई. वीडियो में खुद को अघोरी बताने वाली काली उर्फ नंदगिरी कथित रूप से जलती चिता के पास आपत्तिजनक हरकत करती दिखाई दी. शिकायत के बाद जीवाजीगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में चर्चा और विवाद का माहौल बन गया है. वीडियो में खुद को अघोरी साधु बताने वाली काली उर्फ नंदगिरी कथित रूप से जलती चिता के पास आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आते ही लोगों और संत समाज ने नाराजगी जताई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि वीडियो में किए जा रहे दावों की पुष्टि अभी जांच का विषय है और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मामला तब सामने आया जब चक्रतीर्थ श्मशान घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. वीडियो में एक व्यक्ति, जो खुद को अघोरी साधु बताता है, जलती चिता के पास नजर आ रहा है. वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए गए, जिसके बाद लोगों के बीच इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई.

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कालभैरव घाट निवासी विष्णुनाथ ने इंस्टाग्राम पर वीडियो देखने के बाद जीवाजीगंज थाने पहुंचकर इसकी शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आरोपी काली उर्फ नंदगिरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया.

आरोपी को किया गिरफ्तार

जीवाजीगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी किन्नर अघोरी को गिरफ्तार कर लिया है. थाना प्रभारी प्रतिक शर्मा के मुताबिक, मामला दर्ज करने के बाद पुलिस टीम को आवश्यक कार्रवाई के लिए रवाना किया गया था और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है. अब उससे पूछताछ की जा रही है.

वीडियो में क्या दिख रहा है?

पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में आरोपी जलती चिता के पास जाती हुई दिखाई दे रही है. वीडियो में वह किसी वस्तु को चिता से निकालती नजर आ रही है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस जांच के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल पुलिस वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे को जांच पूरी होने से पहले सही नहीं माना जा सकता. जांच के दौरान वीडियो, संबंधित लोगों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है.

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संत समाज में नाराजगी

वीडियो सामने आने के बाद संत समाज के कई लोगों ने भी नाराजगी व्यक्त की है. उनका कहना है कि धार्मिक परंपराओं और साधना की आड़ में किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.