बोरवेल में गिरे भागीरथ को बचाने के लिए रेस्क्यू जारी: बड़नगर में रातभर चला ऑपरेशन, चट्‌टानें आने से रुकी खुदाई

Ujjain Borwell Rescue: भागीरथ गुरुवार शाम करीब साढ़े 7 बजे बोरवेल में गिरा था. सूचना के बाद भोपाल से NDRF की टीम पहुंची और हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF के साथ जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई. बोरवेल में कैमरा से बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. साथ ही उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है.

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Ujjain Borwell Rescue: मध्य प्रदेश के उज्जैन के करीब 75 किलोमीटर दूर बड़नगर के पास झालरिया गांव में ढाई साल का भागीरथ देवासी खुले बोरवेल में फंसा है. इसे बचाने के लिए पूरी रात बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन अभी तक उसे निकाला नहीं जा सका है. NDRF और SDRF की जॉइंट टीम भागीरथ तक पहुंचने के लिए 5 पोकलेन मशीनों की मदद से समानांतर सुरंग भी बना रही थी, लेकिन 40 फीट खुदाई होने के बाद चट्‌टानें आने की वजह से काम रोक दिया गया है. चट्टानें तोड़ने के लिए भोपाल से हैमर मशीन मंगाई गई है. 

बोरवेल में गिरा भागीरथ

अधिकारी ने बताया कि बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदकर बच्चे को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन खुदाई के रास्ते में चट्टान आने से दिक्कतें पेश आ रही हैं. उन्होंने बताया कि बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की निगरानी की जा रही है. साथ ही उसे ऑक्सीजन की आपूर्ति भी की जा रही है.

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बडनगर थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि क्षेत्र का भूभाग पथरीला होने और बीच-बीच में चट्टान आने के कारण बचाव कार्य में अधिक समय लग रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चे की स्थिति फिलहाल यथावत है. उसके बाहर आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा. बचाव कार्य जारी है.

खुदाई के रास्ते में चट्टान बनी बाधा

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बच्चा करीब 60 से 65 फुट की गहराई में फंसा हुआ है और लगभग 40 फुट तक खुदाई करने के बाद चट्टान आ गई. उन्होंने बताया कि चट्टान तोड़ने के लिए भोपाल और इंदौर से मशीनें भी मंगवाई गई हैं. यह हादसा उज्जैन से करीब 75 किलोमीटर दूर बडनगर तहसील के झलारिया गांव में शाम लगभग सात से साढ़े सात बजे के बीच हुआ.

रिंग फंसाकर रेस्क्यू की कोशिश

राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि बच्चे को ‘रेस्क्यू रोप' की ‘रिंग' के माध्यम से ऊपर खींचने की कोशिश भी की जा रही है. मौके पर मौजूद उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि SDRF के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम भी बचाव अभियान में जुटी हुई है. इसके लिए करीब आधा दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए घटनास्थल पर एंबुलेंस और अन्य आवश्यक उपकरण भी तैनात हैं. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चे को सकुशल बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.

अधिकारी ने बताया कि बच्चे की पहचान राजस्थान निवासी प्रवीण देवासी के ढाई वर्षीय बेटे भागीरथ के रूप में हुई है. प्रवीण भेड़ चराने का काम करते हैं.

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उन्होंने परिजनों के हवाले से बताया कि गुरुवार शाम परिवार के लोग भेड़ चरा रहे थे तभी एक भेड़ से बोरवेल पर रखा पत्थर खिसक गया. अधिकारी ने बताया कि पीछे से आ रहे बच्चे ने जिज्ञासावश ढक्कन हटाकर बोरवेल में झांका तभी वह उसमें गिर गया. भागीरथ के मामा ने संवाददाताओं से कहा कि बच्चे की मां ने उसे बोरवेल में झांकते हुए देखा था, लेकिन जब तक वह वहां पहुंचती, बच्चा गिर चुका था. उन्होंने बताया कि प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के गुडानला गांव के निवासी हैं और तीन दिन पहले ही परिवार के सदस्य यहां आए थे. अधिकारी ने बताया कि घटना के समय प्रवीण देवासी पाली जिले में गए हुए थे. प्रवीण के तीन बेटों में भागीरथ सबसे छोटा है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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