UGC के नए नियम पर रायसेन में बवाल: हिंदू समाज ने खुद को जंजीरों से बांधकर किया सड़क जाम, जमकर की नारेबाजी

UGC New Rule: मध्य प्रदेश के रायसेन में सकल हिंदू समाज ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय के सामने स्वयं को जंजीरों से बांधकर सड़क जाम किया और केंद्र सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

UGC new rules controversy in Raisen: देशभर में UGC के नए नियम को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. पहले सोशल मीडिया पर विरोध किया गया. फिर मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और इसे भेदभाव बढ़ाने वाला बताया गया. वहीं अब लोग इसके विरोध में सड़कों पर आ गए. इस बीच सोमवार को मध्य प्रदेश के रायसेन में सकल हिंदू समाज ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय के सामने स्वयं को जंजीरों से बांधकर सड़क जाम किया और केंद्र सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

UGC के नए नियम के विरोध में रायसेन में प्रदर्शन

इस दौरान सकल हिंदू समाज ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन रायसेन एसडीएम को सौंपा UGC के नए नियम को निरस्त करने की मांग की गई.

विरोध प्रदर्शन के दौरान सकल हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू किए गए ये विनियम संविधान की मूल भावना, शैक्षणिक स्वायत्तता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं. वहीं ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत नागरिकों को प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शिक्षा से जुड़े अधिकारों पर इन विनियमों के माध्यम से अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है.

23 मार्च से देशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि UGC उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन के लिए  UGC विनियम 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए. साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आगामी 23 मार्च को सकल हिंदू समाज देशव्यापी बड़ा आंदोलन करेगा.

Advertisement

UGC का नया नियम क्या है? (UGC New Rule)

13 जनवरी, 2026 को यूजीसी ने नया नियम लागू किया, जिसका नाम है- 'Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026'. इसका उद्देश्य- उच्च शिक्षण संस्थाओं में समानता को बढ़ाना है ताकि किसी भी वर्ग के छात्र, छात्राओं के साथ भेदभाव को रोका जा सके.

UGC New Rule का उद्देश्य

धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान, विकलांगता के आधार पर छात्र-छात्राओं से भेदभाव ना हो और विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विकलांगों और इनमें से किसी भी वर्ग के भी सदस्यों के विरुद्ध भेदभाव खत्म किया जा सके. इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा दिया जा सके.

Advertisement

नए नियम के मुताबिक, जाति आधारित भेदभाव का अर्थ अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के सदस्यों के विरुद्ध केवल जाति या समुदाय के आधार पर भेदभाव है.

नियम का पालन नहीं होने पर होगी ये कार्रवाई

नए नियम के अनुसार, सभी विश्वविद्यालय और कॉलेज Equity Center, Equity Squad और Equity Committee बनाएंगे. इसके अलावा 24x7 हेल्पलाइन का प्रावधान होगा. अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता तो UGC उनकी मान्यता रद्द कर सकता है या फंड रोक सकता है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: Dhan Kharidi Last Date: धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग, कांग्रेस कमेटी-किसानों ने किया चक्का जाम, कई घंटों तक जमकर विरोध