सतना में लालच देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे तीन आरोपी गिरफ्तार, संदिग्ध बैंक खातों में लेन-देन की पुष्टि

मध्य प्रदेश के सतना जिले में झखौरा गांव में मस्जिद निर्माण के दौरान धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से आपत्तिजातन साहित्य और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली है.

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लालच देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. आरोपियों के कब्जे से आपत्तिजनक साहित्य मिला है. साथ ही कुछ संदिग्ध खातों से लेन-देन की भी पुष्टि हुई है. बताया जाता है कि आरोपी धारकुंडी थाना क्षेत्र के झखौरा गांव में मस्जिद का निर्माण भी करा रहे थे. फिलहाल तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह मामला तब सामने आया जब चार दिन पूर्व ग्रामीणों ने गांव में मस्जिद निर्माण को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसको लेकर गांव में विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई थी.

थाना प्रभारी शैलेंद्र पटेल ने बताया कि लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान, पिता जिसवा चौधरी 68 वर्ष निवासी झखौरा थाना धारकुण्डी, विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर (32) पिता लालमन चौधरी निवासी झखौरा थाना धारकुंडी और दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुला पिता मोहनलाल चौधरी 42 वर्ष निवासी रनेही थाना कोठी को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेशी किया, जहां से तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया.

धार्मिक स्वतंत्र अधिनियम का केस दर्ज

आरोपियों के खिलाफ फरियादी पंकज पाठक (26) पिता रामबहोरी पाठक ने धारकुंडी थाना पहुंचकर धर्मांतरण से संबंधित लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर धारकुंडी में मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 
के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्माणाधीन मस्जिद के माध्यम से लोगों को लालच देकर या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था. यही नहीं, मस्जिद निर्माण के लिए बाहर से भारी मात्रा में धनराशि प्राप्त होने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं. पुलिस ने मंगलवार की देर शाम तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया.

आपत्तिजनक साहित्य मिला

आरोपियों की निशादेही पर झखौरा मस्जिद परिसर से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई. जब्त सामग्री में 1 बैनर, 6 धार्मिक पुस्तकें, 1 स्वयं द्वारा लिखी गई धार्मिक पुस्तक, मोबाइल फोन और मस्जिद परिसर में पाई गई अन्य सामग्री शामिल है.

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खातों की जांच शुरू

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी लालमन चौधरी के बैंक खाते में 8 से 9 लाख रुपये बाहर से विभिन्न किस्तों में जमा हुए हैं. इन पैसों का उपयोग मस्जिद निर्माण में किया गया. पुलिस को संदेह है कि यह धनराशि धर्मांतरण गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल की जा रही थी. जब्त मोबाइल फोन की जांच में वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए बाहरी लोगों से लगातार संपर्क पाए जाने की पुष्टि हुई है. पैसा किसने भेजा, किस उद्देश्य से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग जुड़े हैं. इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गहन जांच कर रही है.

मुख्य आरोपी ने 15 साल पहले अपनाया था मुस्लिम धर्म

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान ने वर्ष 2010 में इस्लाम धर्म स्वीकार किया था. इसके बाद उसने अपने बेटे विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और भतीजे दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल का भी धर्म परिवर्तन कराया. पुलिस को आशंका है कि यही नेटवर्क आगे बढ़ाकर गांव में अन्य लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था.

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बीते दिनों हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, झखौरा गांव में जिस स्थान पर मस्जिद का निर्माण किया जा रहा था, उसे लेकर पहले से ही असंतोष का माहौल था. निर्माण कार्य के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी, जिससे ग्रामीणों को संदेह हुआ. चार दिन पहले इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई थी. ग्रामीणों का कहना था कि निर्माणाधीन मस्जिद के जरिए धार्मिक गतिविधियों की आड़ में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है.