Tata Energy Rewa Investment: मध्यप्रदेश के रीवा जिले में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. टाटा एनर्जी द्वारा जिले में 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एक बड़े पावर प्लांट की स्थापना की तैयारी है. इस परियोजना से न सिर्फ 1000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन होगा, बल्कि लगभग 5000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा. इसे रीवा के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है. रीवा के नए सर्किट हाउस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि, सोलर एनर्जी के बाद यह जिले की दूसरी बड़ी उपलब्धि होगी, जो रीवा को ऊर्जा हब के रूप में नई पहचान देगी.
169 हेक्टेयर जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा काम
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीन चिन्हित कर ली गई है. मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा 169 हेक्टेयर भूमि टाटा एनर्जी को आवंटित की जा रही है. शेष भूमि का अधिग्रहण भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना का कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके. अधिकारियों को कहा गया है कि भूमि उपलब्धता से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं.
सोलर के बाद दूसरी बड़ी ऊर्जा परियोजना
रीवा पहले ही देशभर में सोलर पावर परियोजना के लिए पहचान बना चुका है. अब टाटा एनर्जी का यह निवेश जिले को ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में और मजबूत करेगा. उप मुख्यमंत्री ने इसे “क्लीन और ग्रीन एनर्जी” की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी.
किस वजह से बढ़ी निवेश की रुचि
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा में हाल के वर्षों में अधोसंरचना का तेजी से विकास हुआ है. एयरपोर्ट, बेहतर सड़क नेटवर्क, रेल कनेक्टिविटी और पर्याप्त जल उपलब्धता ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर रीवा में हुए इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के बाद कई उद्योग समूह जिले में निवेश के लिए रुचि दिखा चुके हैं. टाटा एनर्जी की परियोजना इसी का परिणाम है.
प्रशासनिक स्तर पर पूरा सहयोग
कमिश्नर बी.एस. जामोद ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीनें तय समय सीमा में उपलब्ध करा दी जाएंगी. निजी भूमि का अधिग्रहण टाटा एनर्जी स्वयं करेगी, जबकि प्रशासनिक सहायता पूरी तरह मुहैया कराई जा रही है. कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है, क्योंकि उद्योगों का आना जिले की समग्र प्रगति के लिए जरूरी है.
अमझर में औद्योगिक पार्क की तैयारी
बैठक में मैहर जिले के अमझर क्षेत्र का भी जिक्र हुआ, जहां रीवा एयरपोर्ट से मात्र 30 मिनट की दूरी पर 170 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है. एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक यू.के. तिवारी ने बताया कि यहां एक औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा, जहां 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो सकेंगी. इसके लिए केंद्र सरकार की ‘भारत औद्योगिक विकास योजना' के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
वन और राजस्व विभाग का समन्वय
सीसीएफ राजेश राय ने स्पष्ट किया कि अगर वन भूमि से जुड़ी अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है, तो तय समय सीमा में स्वीकृति दी जाएगी. उप मुख्यमंत्री ने राजस्व और वन विभाग से आपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा, ताकि किसी स्तर पर देरी न हो.
टाटा एनर्जी ने ये कहा
बैठक में मौजूद टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की और प्रशासन से मिल रहे सहयोग की सराहना की. उनका कहना था कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सकारात्मक प्रशासनिक रवैये ने रीवा को निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बना दिया है. कुल मिलाकर, टाटा एनर्जी का यह निवेश रीवा को न सिर्फ ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बनाएगा, बल्कि रोजगार, उद्योग और आर्थिक विकास के नए अवसर भी खोलेगा.
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