Viral Video: मासूम ने खाने को कुछ मांगा तो धोने पड़ गए बर्तन, आपने देखा आंगनबाड़ी केन्द्र का वायरल वीडियो?

Wash Dishes For Food: वायरल हो रहा वीडियो आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के प्रति वहां पर तैनात सहायिकाओं की संवंदनशीला की हकीकत बयां कर रहा है. वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पास बैठी सहायिका आराम फरमा रही है, जबकि छोटी बच्ची बर्तन साफ करने में जुटी है. वीडियो आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली गंभीर सवाल खड़े करती है.

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CHILD CAUGHT IN CAMERA WASHING DISHES AT ANGANWADI CENTER

Anganwadi Center Video: सतना जिले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मासूम बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र में बर्तन धोते हुए नजर आ रही है, जबकि आंगनबाड़ी सहायिका सामने बैठी है. मासूम की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने आंगनबाड़ी केंद्र से खाने के लिए पोषाहार मांग लिया, जिसके लिए उसे बर्तन धोने का हुक्म दिया गया.

वायरल हो रहा वीडियो आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के प्रति वहां पर तैनात सहायिकाओं की संवंदनशीला की हकीकत बयां कर रहा है. वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पास बैठी सहायिका आराम फरमा रही है, जबकि छोटी बच्ची बर्तन साफ करने में जुटी है. वीडियो आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली गंभीर सवाल खड़े करती है.

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आंगनबाड़ी केंद्र में बर्तन धोते हुए मासूम का वीडियो वायरल

मामला रैगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ललचहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का है, जहां मासूम को आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर बर्तन धोते हुए वीडियो वायरल हुआ है. वीडियो महिला बाल विकास विभाग की असंवेदनशीलता को उजागर कर रहा है. यानी जिस केंद्र में पोषण आहार मासूम को मिलना था, वहां पर मासूम बच्ची से बर्तन धुलवाया जा रहा है.

बाल अधिकार नियमों के विरूद्ध है आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर 

गौरतलब है आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को पोषण आहार, प्राथमिक शिक्षा और देखभाल उपलब्ध कराना है, ताकि उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिल सके, लेकिन वायरल हुए वीडियो में नजर आई तस्वीर न केवल नियमों के विरूद्ध है, बल्कि बाल अधिकारों का भी उल्लंघन है.

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मामला तूल पकड़ते ही विभागीय अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेने की बात कही है. उनका कहना है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. घटना को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है, वे व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं.

बच्चों से किसी भी प्रकार काम कराना श्रम कानूनों में अपराध है

उल्लेखनीय है अगर वीडियो की सत्यता की पुष्टि होती है तो संबंधित कार्यकर्ता और सहायिका के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है. लोगों का आरोप है कि केंद्रों का नियमित निरीक्षण नहीं होने से इस तरह की लापरवाही सामने आती है.

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