CM मोहन ने ऋषि गालव विश्वविद्यालय का किया भूमिपूजन, 55 बीघा जमीन पर खुलेगी RSS की पहली यूनिवर्सिटी

Rishi Galav University in Gwalior: ऋषि गालव विश्वविद्यालय का निर्माण काम 3 वर्ष में पूरा होगा. जिसकी लागत 110 करोड़ आएगी. वहीं करीब 30 करोड़ रुपये की प्रारंभिक लागत से अगले एक साल में गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है.

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Rishi Galav University in Gwalior: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी RSS अपना पहला विश्वविद्यालय ग्वालियर में खोलने जा रहा है. आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लगभग 55 बीघा जमीन पर बनने जा रहे इस विवि की आधारशिला रखी. सीएम ने शिवपुरी लिंक रोड से शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में आवासीय ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया. मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, संत कृपाल सिंह, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, जयभान सिंह पवैया, अनूप मिश्रा, सांसद भारत सिंह कुशवाह और भाजपा व आरएसएस के कई नेता मौजूद रहे. 

110 करोड़ की लागत से RSS विश्वविद्यालय का होगा निर्माण

 मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा 55 बीघा भूमि पर करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है.

बता दें ग्वालियर ऋषि गालव विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पहला विश्वविद्यालय होगा, जो उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगार-उन्मुख पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करेगा. 110 करोड़ की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग तीन साल में पूरा होगा. विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध होगी. ऋषि गालव विश्वविद्यालय का संचालन मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा किया जाएगा.

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इन कोर्सों की होगी पढ़ाई

विश्वविद्यालय की प्रवेश क्षमता करीब 5000 छात्रों की होगी. विश्वविद्यालय में नर्सिंग, पैरामेडिकल, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग जैसे कोर्स भविष्य में अनुमति मिलने के बाद शुरू किए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया 2027-28 सत्र से शुरू किया जा सकता है. 

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य सुरेश सोनी, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रांत संघ चालक अशोक पांडेय, मध्यभारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र बांदिल, वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, सहित ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह मौजूद रहे.

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