Rewa Canal Accident: मध्यप्रदेश के रीवा में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सिलपरा नहर में गिरी 65 वर्षीय महिला को SDRF जवान की सतर्कता और बहादुरी ने नई जिंदगी दे दी. दरअसल, नहर में गिरे एक सैनिक की तलाश में लगी SDRF टीम मौके पर मौजूद थी, तभी एक बुजुर्ग महिला अचानक पानी में गिर गई. टीम के जवान हरिओम मिश्रा ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत नहर में छलांग लगाई और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग SDRF जवान की सराहना कर रहे हैं.
सैनिक की तलाश में लगी थी SDRF टीम
जानकारी के अनुसार, बीते दिन सैनिक सचिन द्विवेदी अपने परिवार के साथ घूमने सिलपरा नहर पहुंचे थे, जहां वे अचानक पानी में गिर गए. उनकी तलाश के लिए SDRF की टीम को बुलाया गया था, जो लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी.
अचानक नहर में गिर गई बुजुर्ग महिला
इसी दौरान गुरुवार सुबह करीब 65 वर्षीय पार्वती चतुर्वेदी, निवासी ग्राम भटलो, वहां से गुजर रही थीं. अचानक संतुलन बिगड़ने से वे भी नहर के तेज बहाव वाले पानी में गिर गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
SDRF जवान ने दिखाई बहादुरी
महिला को पानी में गिरते देख SDRF के जवान हरिओम मिश्रा ने बिना समय गंवाए तुरंत नहर में छलांग लगा दी. तेज बहाव के बावजूद उन्होंने महिला तक पहुंचकर उसे सुरक्षित पकड़ लिया और कुछ ही मिनटों में बाहर निकाल लिया.
समय पर कार्रवाई से बची जान
अगर SDRF टीम उस समय मौके पर मौजूद नहीं होती, तो यह घटना गंभीर हादसे में बदल सकती थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि जवान की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
चश्मदीदों द्वारा घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग SDRF जवान को ‘रियल हीरो' बताते हुए उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग
एक ओर जहां सैनिक की तलाश जारी है, वहीं उसी स्थान पर महिला के गिरने की घटना ने नहर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नहर किनारे सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि रेलिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.
देवदूत बनकर पहुंचे SDRF जवान
इस घटना में SDRF की टीम एक बार फिर लोगों के लिए देवदूत साबित हुई. हरिओम मिश्रा की बहादुरी ने यह दिखा दिया कि आपदा के समय त्वरित निर्णय और साहस ही सबसे बड़ी ताकत होते हैं.
यह भी पढ़ें : गाय को बचाने में हादसा; कांग्रेस विधायक की SUV दीवार से टकराकर जलकर खाक
यह भी पढ़ें : डिप्टी कलेक्टर पर युवती ने लगाए दुष्कर्म के आरोप; मुरैना में फेसबुक से शुरू हुआ था रिश्ता, FIR दर्ज
यह भी पढ़ें : “नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना”; कुवैत एयरपोर्ट हमले में मारे गए मंजूर अहमद के आखिरी शब्द
यह भी पढ़ें : कूनो में जन्मी मादा चीता KGP-11 घायल मिली; मुरैना में रेस्क्यू, पालपुर में इलाज जारी