Rewa Shiv Barat Controversy: महाशिवरात्रि से ठीक पहले रीवा शहर में माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब शिव बारात के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टरों को नगर निगम ने हटाकर कचरे में फेंक दिया. इन पोस्टरों में भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीरें थीं. कुछ लोगों के उन तस्वीरों पर पैर रखते हुए वीडियो सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया. मामला इतना बढ़ा कि आयोजकों ने इसे सनातन और हिंदू धर्म का अपमान बताते हुए सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
40 साल पुरानी परंपरा, रीवा का सबसे बड़ा आयोजन
रीवा में पिछले करीब 40 सालों से महाशिवरात्रि के दिन शिव बारात का आयोजन होता आ रहा है. छोटे स्तर से शुरू हुई यह बारात आज शहर का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बन चुकी है. इसमें शहर के हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. बीते दो वर्षों से यह शिव बारात एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी है, जिससे इसकी पहचान और भी बढ़ी है.
तैयारियों के बीच नगर निगम की कार्रवाई
इस साल भी महाशिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर थीं. आयोजकों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में खंभों पर पोस्टर और बैनर लगाए थे. सोमवार शाम नगर निगम की अतिक्रमण हटाने वाली टीम शहर में पहुंची और शिव बारात आयोजन समिति के पोस्टर उतार लिए. आरोप है कि इन पोस्टरों को एक जगह इकट्ठा कर कचरे के ढेर में फेंक दिया गया.
भगवान की तस्वीरों के अपमान का आरोप
विवाद उस वक्त और भड़क गया, जब यह सामने आया कि जिन पोस्टरों को फेंका गया, उनमें भगवान शिव, माता पार्वती और त्रिशूल की तस्वीरें थीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग उन पोस्टरों पर चलते हुए भी नजर आए. जैसे ही यह जानकारी शिव बारात आयोजन समिति तक पहुंची, आयोजकों में भारी नाराजगी फैल गई.
सड़क पर उतरे आयोजक, घंटों चला धरना
गुस्साए आयोजक और समर्थक जुलूस की शक्ल में शहर के सबसे बड़े बाजार शिल्पी प्लाजा पहुंचे. यहां पुलिस चौकी के सामने सैकड़ों लोग घंटों तक धरने पर बैठे रहे. इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और “बम-बम भोले” के नारे लगाए गए. माहौल पूरी तरह धार्मिक और भावनात्मक हो गया.
मुख्य आयोजक का विरोध, कपड़े फाड़े और पुतला जलाया
शिव बारात के मुख्य आयोजक मनीष गुप्ता ने नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में अपने कपड़े फाड़ दिए और कड़ा विरोध जताया. गुस्साए लोगों ने नगर निगम कमिश्नर का पुतला भी जलाया. आयोजकों ने साफ कहा कि यह सिर्फ पोस्टर हटाने का मामला नहीं, बल्कि सनातन और हिंदू आस्था का अपमान है.
शिव बारात रद्द करने की धमकी
नगर निगम के रवैये से नाराज आयोजकों ने यहां तक कह दिया कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस साल की शिव बारात रद्द करने पर भी विचार कर सकते हैं. आयोजकों का कहना है कि जिस आयोजन में पूरा शहर शामिल होता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुखद और अपमानजनक है.