Bashir Badr Passes Away: मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र का बृहस्पतिवार को भोपाल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे. उनके बेटे तैयब बद्र ने पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 15 फरवरी 1935 को जन्मे बद्र ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू के शिक्षक के तौर पर काम किया. वह भाषा पर अपनी पकड़, खासकर गजलों में महारत के लिए विख्यात थेय
उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं. एक रिश्तेदार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शाम को किया जाएगा.
वह हमेशा जिंदा रहेंगे- जावेद अख्तर
बशीर बद्र के निधन पर जावेद अख्तर ने भी शोक व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पर करते हुए लिखा, 'आज हमारी जबान उर्दू थोड़ी और गरीब हो गई है. बशीर बद्र एक बेहद सुरीले शायर हमेशा के लिए हमारी महफ़िल से रुख़सत हो गए हैं. यह शायर और इनकी शायरी हमारी यादों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे.'
बशीर बद्र जी के चंद मशहूर शेर
1- लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में
2- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
3- न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की
4- कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता
5- ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं
पाँव फैलाऊं तो दीवार में सर लगता है
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