अशोकनगर जिले के महोली गांव में रानी अवंतीबाई की प्रतिमा हटाए जाने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. सुबह से ही लोधी समाज और अन्य समाजों के लोग विरोध में सड़क पर उतर आए और धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन इतना तेज हो गया कि क्षेत्र के भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा.
जैसे ही विधायक मौके पर पहुंचे, प्रदर्शनकारियों ने 'हाय-हाय' और 'वापस जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए. ग्रामीणों का कहना है कि रानी अवंतीबाई केवल एक ऐतिहासिक शख्सियत नहीं, बल्कि उनके सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक हैं. ऐसे में प्रतिमा हटाए जाने से लोगों में गहरा आक्रोश है.
प्रतिमा हटाने के बाद भड़का विरोध
महोली गांव में प्रशासन द्वारा प्रतिमा हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए. ग्रामीणों और समाज के लोगों ने इसे रानी अवंतीबाई का अपमान बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते धरना प्रदर्शन का स्वरूप बड़ा हो गया और गांव में तनाव की स्थिति बन गई.
विधायक को झेलना पड़ा विरोध
चंदेरी से भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी जब प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचे तो उन्हें भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा. मौके पर मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और 'वापस जाओ' के नारे लगाए. अपनी ही विधानसभा क्षेत्र में विधायक के विरोध ने इस मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया.
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने महोली गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. मौके पर एडिशनल एसपी और अपर कलेक्टर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
सात घंटे से अधिक समय तक जारी रहा धरना
प्रदर्शनकारी कई घंटे से धरने पर डटे हुए हैं. जानकारी के अनुसार एसडीएम और एसडीओपी भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने धरना स्थल पहुंचे, लेकिन लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ. प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों की बात सुनने से इनकार कर दिया और उन्हें वापस लौटना पड़ा.
मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग पर अड़े लोग
धरने पर बैठे लोगों की प्रमुख मांग है कि रानी अवंतीबाई की प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए. साथ ही प्रदर्शनकारी उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं, जिनकी भूमिका प्रतिमा हटाने के फैसले में रही. लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
मोबाइल टावर पर चढ़े युवक
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब कुछ युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गए. बताया जा रहा है कि वे कई घंटों से टावर पर मौजूद हैं और आत्महत्या की धमकी दे रहे हैं. इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई है तथा युवकों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं.
प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा को अवैध रूप से स्थापित किए जाने के कारण हटाने की कार्रवाई की गई थी. दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी इस तर्क को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. दोनों पक्षों के बीच जारी गतिरोध के चलते महोली गांव में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं.