ट्विशा मामले में पुलिस की एक और लापरवाही आई सामने, अब ट्विशा के जब्त सामान को लेकर हुआ ये खुलासा

ट्विशा शर्मा मामले की पुलिस जांच पहले से ही सवालों को घेरे में है. पहले लिगेचर (फांसी का फंदा) पहले वाले पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों को जांच के लिए नहीं दिया था.

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समर्थ सिंह, ट्विशा शर्मा और सास गिरिबाला सिंह.

Twisha Sharma Case Update: ट्विशा शर्मा की मौत मामले में भोफाल की कटारा हिल्स थाना पुलिस की एक और लापरवाही सामने आई है. 12 मई को ट्विशा की मौत के बाद मौके से जब्त सामान में पुलिस सील और साइन करना ही भूल गई थी. वहीं, मामला दर्ज होने के बाद 23 मई को गिरिबाला और समर्थ के जब्त समान में सील और साइन किए गए. ट्वीशा के परिजनों और उनके वकील ने एसआई दिनेश शर्मा पर मामले को प्रभावित करने सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं.

पहले से ही सवालों के घेरे में पुलिस

ट्विशा मामले में जांच को लेकर भोपाल पुलिस पहले से ही सवालों के घेरे में हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्विशा का शव जिस लिगेचर (फांसी का फंदा, जो किसी भी चीज का हो सकता है) पुलिस की कार में घूमता रहा. उसे पहले वाले पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों को नहीं सौंपा गया था.  इसके अलावा जब्ती के दौरान किसी के साइन नहीं थे. ट्विशा के कमरे से तीन बारह सामान जब्त किया था, लेकिन समर्थ और गिरिबाला के दो बार साइन लिए गए थे.

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हैरानी की बात यह थी कि जब पुलिस ने लिगेचर को जब्त किया तो किसी से निशानदेही नहीं कराई गई. जिसे सबूत समझकर पुलिस ने उठाया क्या वह वहीं फंदा था इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है. इस तरह FIR में देरी, सबूत जब्ती में चूक और समर्थ की फरारी से लेकर इस तरह की लापरवाही को लेकर पुलिस की जांच शक के घेरे में आ रही है.

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