नीट पेपर लीक के विरोध में रेल रोको आंदोलन की तैयारी कर रही युवा कांग्रेस को पुलिस ने समय रहते रोक दिया. मैहर में प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में स्टेशन पहुंचने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया. इस दौरान करीब 20 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिससे इलाके में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है.
युवा संवाद के बाद सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यश घनघोरिया पहली बार मैहर पहुंचे थे. उनके स्वागत में 3 KNOT होटल में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. कार्यक्रम में रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
रेल रोकने की थी तैयारी, पहले से सतर्क थी पुलिस
कार्यक्रम खत्म होने के बाद कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े. उनका इरादा नीट पेपर लीक के विरोध में रेल रोकने का था. हालांकि, पुलिस को पहले ही इसकी जानकारी मिल चुकी थी. इसके चलते स्टेशन और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई थी.
रास्ते में ही रोके गए प्रदर्शनकारी
जैसे ही कार्यकर्ता स्टेशन की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर तक बहस और हल्की नोकझोंक भी हुई. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने करीब 20 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क
युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और रेल यातायात बाधित होने से रोकने के लिए की गई.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है. एक ओर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है, तो दूसरी ओर प्रशासन अपने कदम को जरूरी बता रहा है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी तेज होने की संभावना है.