Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के नीमच शहर से लगे गिरदोड़ा गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक नाबालिग लड़की को अवैध रूप से बंधक बनाने का आरोप गांव के ही कुछ रसूखदारों पर लगा है. हद तो तब हो गई जब इस बात की शिकायत करने थाने पहुंचे ग्रामीणों को बीच रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई. इस घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल है.
बहला-फुसलाकर घर में रखा
पूरा विवाद एक नाबालिग लड़की को घर में छिपाकर रखने से शुरू हुआ. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की रहने वाली सरोजबाई और सुरेंद्र सोनी ने समाज की एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर में रख लिया है. परिवार और समाज के लोगों ने जब बच्ची को वापस मांगा, तो आरोपियों ने साफ मना कर दिया. इसी बात से नाराज होकर बुधवार सुबह जितेंद्र सिंह चौहान और उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण नीमच सिटी थाने पहुंचे और लिखित में शिकायत दर्ज कराई.
थाने से निकलते ही घेरा
हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस का भी डर नहीं रहा. ग्रामीण जब थाने में आवेदन देकर अपने गांव वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में सरोजबाई, सुरेंद्र सोनी और उनके बेटे ने ग्रामीणों का रास्ता रोक लिया. पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने पहले गंदी गालियां दीं और फिर हाथापाई शुरू कर दी. इसी दौरान आरोपियों का बेटा हाथ में धारदार हथियार लेकर आ गया और लोगों पर हमला करने की कोशिश की। ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई.
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इन लोगों ने ऐसी हरकत की है. समाज व ग्रामीणों ने आरोप लगाए की पर आरोपी आए दिन अपराध को अंजाम देते हैं. जब भी कोई उनका विरोध करता है, तो वे उसे एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इसी डर की वजह से लोग अब तक चुप थे, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है. पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों की गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है.
महिला और 2 पुरुषों को राउंडअप किया
फिलहाल पुलिस ने ग्रामीणों का आवेदन ले लिया है और जांच की बात कह रही है. वहीं पुलिस ने एक महिला व 2 पुरुषों को भी इस मामले में राउंडअप किया है. जिनसे पूछताछ की जा रही है. गांव के लोगों ने मांग की है कि नाबालिग लड़की को तुरंत आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया जाए और गांव में दहशत फैलाने वालों को जेल भेजा जाए.
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