Madhya Pradesh Weather: मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने में ही गर्मी ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है. रविवार को आसमान से आग बरसी. इस बीच प्रदेश का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. वहीं मौसम विभाग ने सोमवार, 27 अप्रैल को लू का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज 13 जिलों में लू का अलर्ट है, जिसमें इंदौर, उज्जैन, धार, रतलाम, शाजापुर, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, देवास, निवाड़ी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं. इसके अलावा IMD ने इंदौर और उज्जैन में वॉर्म नाइट यानी सबसे गर्म रात का अलर्ट भी जारी किया गया है. राजधानी भोपाल समेत अन्य जिलों में आज भीषण गर्मी पड़ेगी.
मध्य प्रदेश के खजुराहो में इस सीजन में पहली बार पारा 45 डिग्री पहुंच गया. इसके अलावा 9 शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार रिकॉर्ड किया गया. वहीं अन्य शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार रहा.
एमपी के इन जिलों में आज होगी बारिश
हालांकि भीषण गर्मी के बीच मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों के लिए राहत भरी खबर है. मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है.
MP में पहली बार पहुंचा 45 डिग्री पारा
मध्य प्रदेश के खजुराहो में रविवार को अधिकतम तापमान 45.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा खजुराहो के नौगांव में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस, सागर-नर्मदापुरम में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस, दमोह में पारा 44.2 डिग्री सेल्सियस, श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
वहीं शाजापुर में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में पारा 43.6 डिग्री रहा. जबकि रीवा-मलाजखंड में तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस, सीधी में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस और बैतूल में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
अगर प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे गर्म रहा. यहां तापमान 43.5 डिग्री पहुंच गया. राजधानी भोपाल और इंदौर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा.
लू या हीट वेव क्या होती है?
मैदानी क्षेत्र में जब भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होता है तब लू या हीट वेव का असर दिखने लगता है. मौसम विज्ञानिकों के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों का पारा 30 डिग्री तक पहुंच जाता है तो लू चलने लगती है. अत्यधिक गर्म मौसम की अवधि को हीट वेव कहते हैं, जो स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है. वहींं किसी क्षेत्र में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच जाता है, तो इसे खतरनाक लू की श्रेणी में रखा जाता है. तटीय क्षेत्रों में जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस हो जाता है तो हीट वेव का अलर्ट जारी किया जाता है.
हीट वेव से बचने के लिए इन बातों को रखें ध्यान
- AC से निकलकर सीधे गर्म धूप में न निकलें. अगर आप AC से निकलकर सीधे गर्म जगह में जाते हैं तो इससे आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. अगर आपको बाहर धूप में या गर्मी में निकलना है तो सबसे पहले एसी को बंद कर दें और जब शरीर का तापमान सामान्य हो जाए, तो आप एसी रूम से बाहर निकलें.
- धूप या लू से आकर तुरंत ठंडा पानी पीने से बचें. अगर आपको प्यास लगी है तो... ऐसे में धूप से आने के बाद नॉर्मल पानी पिएं.
- लू की चपेट में आने से बचने के लिए कोशिश करें. खास कर आप दोपहर की धूप में बाहर न निकलें. अगर आपको धूप में निकलना जरूरी है तो अपने सिर को सूती कपड़े से ढककर निकलें. साथ ही आप हल्के रंग के आरामदायक कपड़े पहनें.
- लू से बचने के लिए शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखें. दिन भर में नियमित अंतराल पर कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं. प्यास न लगने पर भी तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, आम पन्ना, जूस, नारियल पानी, गन्ना का रस का सेवन करें.
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