'RSS का एजेंडा अगर राष्ट्रवादी है, तो एक नहीं 100 बार करेंगे'- UCC बिल पास होने के बाद सीएम यादव का बड़ा बयान

मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है. RSS, समान नागरिक संहिता, मुस्लिम महिलाओं के अधिकार, एक से अधिक विवाह पर सजा, संपत्ति में महिलाओं की बराबरी और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नए प्रावधानों पर जानिए पूरी जानकारी...

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मध्य प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे और तीखी राजनीतिक बहस के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास हो गया. बिल के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए साफ कहा कि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा राष्ट्रहित और राष्ट्रवाद से जुड़ा है, तो उसे एक नहीं बल्कि 100 बार लागू किया जाएगा. 

मुख्यमंत्री ने UCC को सामाजिक समानता, महिला अधिकारों और एक देश-एक कानून की दिशा में बड़ा कदम बताया. सदन में विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार ने यह स्पष्ट किया कि नया कानून धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान जिम्मेदारियों के सिद्धांत पर आधारित है.

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RSS को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

UCC को लेकर विपक्ष द्वारा RSS के एजेंडे का आरोप लगाए जाने पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यदि RSS का एजेंडा राष्ट्रवादी है और देश को मजबूत बनाने वाला है, तो उसे एक बार नहीं बल्कि 100 बार लागू किया जाएगा. मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. 

देश के कई राज्यों में लागू हो चुका है UCC

भारत में समान नागरिक संहिता को लेकर चर्चा लंबे समय से चल रही है. अब तक उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं में UCC से संबंधित विधायी पहल या विधेयक पारित किए जा चुके हैं. मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि इस कानून के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी.

एक से अधिक विवाह पर होगी सजा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नए कानून के लागू होने के बाद एक से अधिक विवाह करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि विवाह संबंधी मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू होंगे. सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं के अधिकार अधिक मजबूत होंगे और परिवार व्यवस्था में कानूनी स्पष्टता आएगी.

संपत्ति और उत्तराधिकार में महिलाओं को बराबरी

UCC के तहत उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े मामलों में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकार किसी पुरुष को प्राप्त होंगे, वही अधिकार महिलाओं को भी मिलेंगे. सरकार का मानना है कि यह प्रावधान लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा और महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित बनाएगा.

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लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त प्रावधान

सरकार ने लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों को भी कानून के दायरे में शामिल किया है. मुख्यमंत्री के अनुसार यदि कोई व्यक्ति लिव-इन संबंध के नाम पर विवाह की न्यूनतम आयु से जुड़े नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. ऐसे मामलों में पांच साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य युवाओं के अधिकारों की रक्षा और कानून के दुरुपयोग को रोकना है.

मुस्लिम महिलाओं के समर्थन का दावा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में दावा किया कि UCC को 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों का समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार देने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. हालांकि विपक्ष ने इस दावे पर सवाल उठाए और अधिक विस्तृत चर्चा की मांग की. 

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