MP Liquor Fake Challan Scam: मध्य प्रदेश में चर्चित शराब के फर्जी चालान घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने शुक्रवार को 70 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 28 अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर कुर्क किया है. इनमें इंदौर, मंदसौर और खरगोन में स्थित कीमती जमीनें और आलीशान फ्लैट शामिल हैं, जो कथित रूप से शराब ठेकेदारों के नाम पर हैं.
ईडी ने यह कार्रवाई राऊजी बाजार थाने, इंदौर में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. आरोप है कि देसी और विदेशी शराब के कई ठेकेदारों ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए संगठित तरीके से फर्जी चालान तैयार किए.
ऐसे किया गया था घोटाला
जांच में सामने आया कि ठेकेदार पहले बहुत कम राशि के ट्रेज़री चलान तैयार करते थे और उसमें "रुपयों में शब्दों में" वाला कॉलम खाली छोड़ देते थे. बैंक में कम राशि जमा करने के बाद ठेकेदार उसी चलान में छेड़छाड़ कर शब्दों में बड़ी राशि लिख देते थे.
बाद में यही फर्जी चलान जिला आबकारी कार्यालय और वेयरहाउस में जमा कराकर बड़ी मात्रा में शराब स्टॉक उठाया जाता था, जबकि वास्तविक कर, लाइसेंस फीस और न्यूनतम गारंटी राशि का केवल एक हिस्सा जमा किया जाता था.
मुख्य आरोपी जेल में
जांच एजेंसी ने अब तक यह साबित किया है कि मुख्य आरोपी राजू दशवंत और अंश त्रिवेदी सहित अन्य ठेकेदारों ने मिलकर लगभग 49 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की. दोनों आरोपी पहले ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
अभी और कार्रवाई की तैयारी
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगे ऐसी और संपत्तियों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और कुर्की व गिरफ्तारियां हो सकती हैं. कुर्की आदेश को पुष्टि के लिए पहले ही एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के पास भेजा जा चुका है. जांच एजेंसी अभी धनशोधन की पूरी श्रृंखला ट्रेस करने में जुटी है.