मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का लगातार पालन कर रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने 3 जून को एक बड़ा फैसला लिया, जिसके बाद वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल को शामिल किया है.
मुख्यमंत्री के काफिले में अब महिंद्रा कंपनी की 'XEV 9e' इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है. कंपनी के दावे के मुताबिक, यह कार सिंगल चार्ज पर 500 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नई ईवी से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर, भोपाल तक का सफर भी तय किया.
mp cm dr mohan yadav EV car with 2047 mahindra xev 9e in convoy bhopal
कार का विशेष नंबर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस नई कार को 'MP-02-VB-2047' नंबर मिला है. इस नंबर में 'VB' का अर्थ 'विकसित भारत' से लगाया जा रहा है, जबकि '2047' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस कार में 360 डिग्री कैमरा सहित सभी सुरक्षा मानक मौजूद हैं. इस कार से सफर कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना चाहते हैं. इस विशेष वाहन को चलाने के लिए ड्राइवरों को अलग से विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है.
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पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा पर सीएम का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर काफी संवेदनशील हैं. इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए वे लगातार नई-नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में गिद्धों और मगरमच्छों को भी छुड़वाया था. उनका मानना है कि कोई भी विकास पर्यावरण संरक्षण के बिना अधूरा है. वे यह भी मानते हैं कि सौर ऊर्जा से उत्पन्न विकल्प देश और दुनिया को प्रगति का एक नया मार्ग दिखा सकते हैं.
पहले भी पेश कर चुके हैं सादगी की मिसाल
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दौरों के दौरान भी फिजूलखर्ची रोकने और मितव्ययता बरतने का लगातार ध्यान रख रहे हैं. हाल ही में उन्होंने इंदौर में 'एचआर ग्रीन' से 'राजवाड़ा' तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक सामान्य टेम्पो ट्रैवलर बस में सफर किया था. इससे पहले, सिंगरौली दौरे के दौरान भी वे एक टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे. इतना ही नहीं, जनता की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने काफिले में शामिल होने वाली गाड़ियों की संख्या को भी पहले ही काफी कम कर दिया है.