एमपी में बच्चा चोरी की अफवाहों से चिंता! इंदौर क्राइम ब्रांच अलर्ट, झूठी जानकारी पर सख्त रुख

मध्य प्रदेश में बच्चा चोरी की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं. इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि किसी संगठित गिरोह का सबूत नहीं मिला, फिर भी भ्रामक पोस्ट करने वालों पर आईटी एक्ट सहित सख्त कार्रवाई होगी.

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MP Child Kidnapping Rumor 2026: मध्य प्रदेश में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं. खासकर इंदौर और धार जिलों में सोशल मीडिया पर लगातार भ्रामक संदेश वायरल हो रहे हैं, जिनके कारण लोगों में भय का माहौल बन गया है. पुलिस और प्रशासन ने साफ कहा है कि ऐसे किसी संगठित गिरोह का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है.

इंदौर पुलिस अलर्ट मोड पर  

इंदौर क्राइम ब्रांच ने चेतावनी जारी की है कि सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी से जुड़ी ज्यादातर पोस्ट भ्रामक और तथ्यहीन हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह की पुष्टि नहीं हुई, फिर भी कुछ लोग पुराने वीडियो और झूठी कहानियां शेयर कर माहौल खराब कर रहे हैं. साइबर सेल को निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं और संदिग्ध पोस्ट डालने वालों की पहचान की जा रही है.

पुलिस के आंकड़े क्या कहते हैं?

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में कुल 1400 गुमशुदा बच्चों की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिनमें से 1200 से अधिक बच्चे सुरक्षित मिल चुके हैं. अधिकतर मामले घर से नाराज होकर चले जाना, पारिवारिक तनाव, स्कूल या दोस्तों से जुड़ी समस्याएं जैसे कारणों से जुड़े पाए गए हैं. इनमें बच्चा चोरी गिरोह की भूमिका नहीं मिली है.

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व पुराने वीडियो, गलत कैप्शन और झूठी घटनाएं शेयर कर भय फैला रहे हैं. ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाएगा. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाह के आधार पर किसी को पीटने या शक के नाम पर भीड़ बनाकर कार्रवाई करने वालों पर भी सख्त एक्शन होगा.

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इधर,  धार में बच्चियों ने की शिकायत 

धार जिले के बदनावर क्षेत्र के बख्तगढ़ गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के बीच एक अलग घटना सामने आई. स्कूल जा रही बच्चियों ने बताया कि एक संदिग्ध कार में बैठे 3–4 लोगों ने उन्हें चॉकलेट देकर गाड़ी में बैठाने की कोशिश की. बच्चियों के शोर मचाने पर वे लोग भाग निकले. गांव में तुरंत दहशत फैल गई और लोग इकट्ठे हो गए.

पुलिस की जांच: संदिग्धों की पहचान नहीं

शक के आधार पर झालावाड़ से आए कुछ भिक्षुकों से पूछताछ हुई, लेकिन पहचान परेड में बच्चियों ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया. पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध वाहन की तलाश जारी है.

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अभिभावकों से पुलिस की अपील

बदनावर थाना प्रभारी अमित कुशवाह ने लोगों से कहा है कि  बच्चों को अकेले स्कूल न भेजें, अजनबियों से दूर रहने को कहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें.