MP Budget 2026: 'मोहन-जगदीश' ने खोला बजट का पिटारा; जानिए किसे क्या मिला?

MP Budget 2026: देवड़ा ने कहा कि बजट में तीन वर्षों की योजना का साफ संकेत मिलता है. गरीबी को आय के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता के आधार पर भी परखा गया है. उन्होंने दावा किया कि ऋण प्रबंधन और अर्थ प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है. साथ ही, वर्ष 2047 के दृष्टिपत्र के अनुरूप भी बजट में प्रावधान शामिल किए गए हैं. उनके अनुसार यह बजट संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप और जिलों की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

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Madhya Pradesh Budget 2026: मध्य प्रदेश बजट 2026-27, जानिए किसे क्या कुछ मिला

MP Budget 2026: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश किया. बजट भाषण की शुरुआत में ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों को शांत रहने की सलाह दी. सरकार ने अपने संबोधन में ‘हर हाथ को काम', ‘हर उपज को दाम', ‘नारी को निर्णय का अधिकार', ‘युवाओं के हौसलों का प्रसार', ‘हर घर जल' और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे प्राथमिकता बिंदुओं को दोहराया. सरकार का कहना है कि औद्योगीकरण और अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं.

ये रही बजट की स्पीच MP Budget Speech 2026

2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित

वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा. बजट में किसानों के समग्र कल्याण और कृषि क्षेत्र की मजबूती को प्राथमिकता दी गई है. उन्होंने बताया कि प्रदेश की 28% आबादी युवा है और बजट में युवाओं को ध्यान में रखकर कई प्रावधान शामिल किए गए हैं.

तीन साल की प्लानिंग और पारदर्शिता पर जोर

देवड़ा ने कहा कि बजट में तीन वर्षों की योजना का साफ संकेत मिलता है. गरीबी को आय के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता के आधार पर भी परखा गया है. उन्होंने दावा किया कि ऋण प्रबंधन और अर्थ प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है. साथ ही, वर्ष 2047 के दृष्टिपत्र के अनुरूप भी बजट में प्रावधान शामिल किए गए हैं. उनके अनुसार यह बजट संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप और जिलों की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

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जीरो बेस्ड बजट और योजनाओं की समीक्षा

उन्होंने बताया कि पिछला बजट जीरो बेस्ड बजट था, जिसमें सभी योजनाओं के प्रावधानों की नए सिरे से समीक्षा की गई. नई आवश्यकताओं और पुराने दायित्वों के समाधान के प्रयास किए गए. वित्तीय वर्ष 2025–26 में औद्योगिक निवेश, युवाओं के रोजगार और श्रम कल्याण से जुड़ी पुरानी देनदारियों के लिए 3,500 करोड़ रुपये का व्यय प्रावधान किया गया है.

नवाचार : पहली बार रोलिंग बजट

वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार सरकार ने नवाचार करते हुए रोलिंग बजट पेश किया है. इसे एक गतिशील नियोजन प्रक्रिया बताया गया है. इसके तहत 2026–27 के बजट प्रस्तावों के साथ 2027–28 और 2028–29 के संभावित प्रस्तावों की झलक भी शामिल की गई है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने सदन में रोलिंग बजट प्रस्तुत करने का यह नवाचार किया है. रोलिंग बजट की विस्तृत जानकारी बजट साहित्य में प्रकाशित की गई है.

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बड़ी योजनाओं को मिली मंजूरी

सरकार ने 21,630 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना को स्वीकृति दे दी है. साथ ही, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत जल्द बसें चलाने की तैयारी है. कृषि क्षेत्र में 25 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है.

जनजातीय और सामाजिक कल्याण के प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अल्प आय वर्ग और पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए संवेदनशीलता से कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश की आबादी में 21% जनजाति और 16% अनुसूचित जनजाति वर्ग शामिल है. जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में धरती आबा योजना के लिए 793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं दिव्यांगजन कल्याण के लिए 2,857 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है.

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दिव्यांगजन कल्याण

सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक सहायता जारी रखने की घोषणा की है. इन योजनाओं के लिए कुल 2,857 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही संबल योजना को जारी रखने की पुष्टि की गई. श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है.

युवा कल्याण और शिक्षा

युवा कल्याण से जुड़े प्रावधानों में सरकार ने छात्रवृत्ति मद में 986 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए भी विशेष कार्य किए जाने का उल्लेख किया गया. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान में 16 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. प्रदेश के 205 महाविद्यालय नैक मान्यता प्राप्त हैं. पिछले वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या में 26% वृद्धि दर्ज की गई है.

नारी कल्याण

महिला कल्याण के लिए बजट में बड़े प्रावधान शामिल किए गए. लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ मिल चुका है, और इस योजना के लिए 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है. कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को नई योजना के तहत मुफ्त दूध और टेट्रा पैक दूध उपलब्ध कराया जाएगा. लाड़ली बहना योजना के लिए 23,842 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करने के लिए 19 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है. विभिन्न महिला‑केंद्रित योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है.

अधोसंरचना विकास

अधोसंरचना के क्षेत्र में सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार 2029 तक 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है. सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14,742 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में वर्तमान में 111 रेलवे ओवरब्रिज निर्माणाधीन या प्रस्तावित हैं. सड़कों और पुलों के लिए 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जल जीवन मिशन के लिए 4,453 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. ऊर्जा क्षेत्र में 604 मेगावॉट क्षमता की एक नई बिजली इकाई स्थापित की जा रही है. इस पूरे क्षेत्र के लिए 34,065 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. सरकार ने बताया कि प्रदेश में स्पेस नीति का क्रियान्वयन किया गया है और 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं. बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गति को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई है. साथ ही ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम शुरू हो चुका है.

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने डिजिटल स्वास्थ्य को लेकर प्रदेश को अग्रणी बताया. बीते दो वर्षों में प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं. PPE मॉडल पर भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1,256 नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है.

सिंहस्थ महापर्व

आगामी सिंहस्थ महापर्व के लिए 13,851 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इंदौर–उज्जैन मार्ग पर सिक्स‑लेन निर्माण कार्य प्रगति पर है. सिंहस्थ आयोजन के लिए 3,060 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है. नगरीय विकास से जुड़े कार्यों पर कुल 21 हज़ार 561 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी.

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