MP Budget 2026-27: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट 2026-27 से ठीक पहले राज्य की आर्थिक प्रगति पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की आर्थिक विकास दर मजबूत है, कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कारण वृद्धि तेज हुई है. सीएम ने कहा कि एमपी में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, निवेश धरातल पर उतरा है और वित्तीय अनुशासन के साथ राज्य लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया और कल पेश होने वाले बजट को “नवाचार” वाला बताया.
दो वर्षों में 46% की अभूतपूर्व बढ़त
सीएम यादव ने बताया कि 2023-24 और 2024-25 के बीच कुल मिलाकर 46 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है. उनके अनुसार यह तेजी बेहतर कनेक्टिविटी, बड़े निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक-अधोसंरचना विकास से संभव हुई है.
कांग्रेस पर निशाना और तुलना का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक जैसा विकसित राज्य, जहां कांग्रेस की सरकार है, उसे भी आर्थिक स्थिति के मामले में एमपी ने पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने इसे शासन‑प्रशासन और विकास‑केंद्रित नीति का परिणाम बताया. सीएम के अनुसार एमपी में प्रति व्यक्ति आय ₹1,69,000 से ज्यादा हुई है. अलग‑अलग सेक्टरों में लगातार सुधार और निवेश के कारण आमदनी के स्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है.
कृषि‑पशुधन और अन्य सेक्टरों की रफ्तार
पशुधन क्षेत्र में आय 7.2% की दर से बढ़ने का दावा किया गया. सीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में एमपी तेजी से आगे बढ़ रहा है—कृषि, उद्योग, सेवा, पर्यटन और स्किल‑कनेक्टिविटी में लगातार सुधार देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ₹9 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतरा है. उनके अनुसार एमपी एकमात्र राज्य है जिसकी विकास दर 30% से अधिक है. निवेश के साथ‑साथ रोजगार और बुनियादी ढांचे में भी विस्तार हो रहा है.
पर्यटन में बड़ी छलांग
सीएम ने कहा कि टूरिज्म सेक्टर में 13 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को प्रदेश में लाने में सफलता मिली है. इससे सेवा क्षेत्र, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे को संतुलित रखते हुए राज्य विकास‑पथ पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वित्तीय अनुशासन के साथ प्रदेश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और सामाजिक सूचकांकों में सुधार दिख रहा है.
स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार
सीएम के अनुसार मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में काफी सुधार हुआ है. यह स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मिशन मोड कार्यक्रमों और चिकित्सीय ढांचे के सुदृढ़ीकरण की देन बताया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ से ज्यादा की सहायता प्रदान की गई है. स्कॉलरशिप, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और तकनीकी/व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दिया गया है.
बजट में नवाचार और 3‑वर्षीय आउटलुक
सीएम ने कहा कि कल का बजट नवाचार के साथ आएगा. इसमें एक वर्ष के साथ आगामी तीन वर्षों की विकास की आउटलाइन भी प्रस्तुत की जाएगी. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र राज्य होगा जो 3 साल की आउटलाइन सहित बजट पेश करेगा. सीएम ने यह भी कहा कि “बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्रदेश पर है, हम लगातार प्रगति कर रहे हैं.”
विपक्ष पर जवाब: सकारात्मक विकास हुआ
विपक्ष के आरोपों पर सीएम यादव ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कुछ नहीं बचा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष‑विपक्ष दोनों जरूरी हैं, सकारात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन नकारात्मक राजनीति ठीक नहीं. “दूध का दूध, पानी का पानी हो रहा है. मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. हम सकारात्मक तरीके से विकास के लिए काम कर रहे हैं.”
समावेशी विकास की रूपरेखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों से स्पष्ट है कि सुव्यवस्थित और समावेशी प्लानिंग के जरिए सभी सेक्टर कृषि, पशुधन, उद्योग, सेवा, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य में बेहतर प्रदर्शन हुआ है. उन्होंने यह भी दोहराया कि वित्तीय अनुशासन के साथ रोजगार सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार सरकार की प्राथमिकता है.