महिला आरक्षण पर विधानसभा में महासंग्राम: सीएम यादव ने कांग्रेस को घेरा, विपक्ष ने कहा- ‘बीजेपी महिला विरोधी'

मध्य प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिला. घंटों चली बहस के बाद संकल्प पास हुआ, लेकिन कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों से भागने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने बीजेपी को महिला विरोधी बताया.

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MP Assembly Women Reservation: मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई. घंटों चली कार्यवाही के बाद जब महिला अधिकारों से जुड़ा संकल्प पारित हुआ, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने‑सामने आ गए. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जहां कांग्रेस पर महिलाओं के हक से भागने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर बीजेपी को महिला विरोधी बताया. इसी बीच कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया, जिस पर बीजेपी की महिला विधायकों ने कड़ा एतराज जताया.

महिलाओं के हक पर विशेष सत्र 

महिला आरक्षण को लेकर विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया, जो करीब 8 से 9 घंटे तक चला. इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. आखिरकार संकल्प पारित कर दिया गया, लेकिन कांग्रेस की असहमति साफ तौर पर सामने आई.

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सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा संकल्प को लेकर आगे बढ़ी है और यह महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को छोड़ने का काम किया है. सीएम ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय संविधान में ऐसे संशोधन हुए, जिनसे महिलाओं के साथ अन्याय हुआ.

मुख्यमंत्री बोले, कांग्रेस चर्चा से भागी और उसका दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आ गया. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी महिलाओं के हक में आरक्षण दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी लगातार काम करती रहेगी.

महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बीजेपी का दावा

सीएम यादव ने कहा कि अगर महिला आरक्षण सही तरीके से लागू होता, तो लोकसभा की 42 सीटों में से 29 से ज्यादा और विधानसभा की 230 सीटों में भी बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलता. उन्होंने यह भी बताया कि सदन में बीजेपी के लगभग सभी विधायक मौजूद थे, जबकि कांग्रेस के कई विधायक अनुपस्थित रहे. मुख्यमंत्री का कहना था कि जो कांग्रेस विधायक नहीं आए, वे भी प्रस्ताव से सहमत थे, इसलिए सदन से ही दूर रहे.

संकल्प पारित होते ही कांग्रेस का वॉकआउट

संकल्प पारित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला विरोधी है और यही सोच सदन में भी दिखाई दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की असहमति के बावजूद प्रस्ताव पारित किया गया, जिसकी पार्टी कड़ी निंदा करती है.

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बरैया के बयान पर सदन में बवाल

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया. उनके कुछ शब्दों पर बीजेपी की महिला विधायकों ने नाराजगी जताई और इसे महिलाओं के लिए आपत्तिजनक बताया.

फूल सिंह बरैया की सफाई

विवाद बढ़ने पर फूल सिंह बरैया ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से लिया गया है. उनका कहना था कि उन्होंने महिलाओं के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि वर्षों से चली आ रही महिलाओं की स्थिति पर बात रखी थी, जिसका गलत अर्थ निकाला गया.

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बीजेपी महिला विधायकों का पलटवार

बीजेपी विधायक ललिता यादव ने बरैया के बयान पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच समय‑समय पर सामने आती रहती है और यह सोच महिला विरोधी है. ललिता यादव ने आरोप लगाया कि फूल सिंह बरैया ने सदन में महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

महिला आरक्षण बना सियासी लड़ाई का मुद्दा

महिला आरक्षण को लेकर यह पूरा घटनाक्रम साफ करता है कि मुद्दा केवल संकल्प का नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का भी बन चुका है. एक तरफ बीजेपी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे महिला विरोधी मानसिकता का उदाहरण करार दे रही है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में और गर्माने के संकेत दे रहा है.