MP Republic Day Announcements: मध्य प्रदेश में आने वाला वर्ष 2026 अब खास बनने जा रहा है. राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने घोषणा की है कि इसे पूरे प्रदेश में ‘कृषि वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा. उनका कहना है कि सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है और किसानों के हित में बजट भी लगातार बढ़ाया गया है. 77वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने इन योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया.
कृषि वर्ष की घोषणा और बढ़ता बजट
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार खेती-किसानी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि 2002-03 में जहां कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का बजट 600 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 27,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. उन्होंने बताया कि 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाए जाने की तैयारियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं.
किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहुआयामी मॉडल
पटेल ने कहा कि ‘समृद्ध किसान-समृद्ध राज्य' को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कृषि विकास का दस बिंदुओं वाला मॉडल तैयार किया है. इसमें प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल, आय बढ़ाने के उपाय, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, निर्यात की सुविधा, नवाचार और डिजिटल पारदर्शिता जैसी गतिविधियां शामिल हैं. इसे जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा.
ई-मंडी और पंजीकरण
राज्यपाल ने बताया कि राज्य की कुल 259 मंडियों में ई‑मंडी प्रणाली लागू की जा चुकी है, जहां 40 लाख किसान पंजीकृत हैं. इससे किसानों को खरीद‑फरोख्त में आसानी हो रही है और पारदर्शिता भी बढ़ी है.
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास
मध्यप्रदेश को देश की ‘दुग्ध राजधानी' बनाने के लिए सरकार विशेष योजनाओं पर काम कर रही है. निराश्रित मवेशियों के लिए गौशालाओं में प्रति पशु अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया है. इसी तरह बजट भी 250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 505 करोड़ रुपये किया गया है.
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना से राज्य का राष्ट्रीय दुग्ध उत्पादन में योगदान 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य है. इसके लिए 1,200 से अधिक नई दुग्ध समितियां बनाई गई हैं और दूध का खरीद मूल्य 2.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 8.50 रुपये तक किया जा रहा है.
आवास और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
पटेल ने बताया कि गरीब परिवारों को घर देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले साल 11 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 4 लाख का निर्माण पूरा भी हो चुका है. सरकार का लक्ष्य लगभग 5.25 लाख घरों के निर्माण का है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री माजरा‑टोला योजना के तहत करीब 20,000 बस्तियों को सड़कों से जोड़ने के लिए 21,000 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं.
सड़क निर्माण और जनजातीय क्षेत्र विकास
राज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत 24 जिलों में कुल 55 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधरी है.
स्कूली शिक्षा में सुधार
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6% से शून्य पर आ गई है. सरकार निजी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 8.5 लाख छात्रों की फीस भी वहन कर रही है. राज्य में 369 सांदीपनि स्कूल स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 107 भवन तैयार हैं और 154 इमारतें मार्च तक बन जाएंगी. कक्षा 12वीं में 75% से अधिक अंक लाने वाले 94,234 छात्रों को 25,000 रुपये के लैपटॉप दिए गए हैं.
वन्यजीव संरक्षण की पहल
राज्यपाल ने जंगल और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया. शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान को नौवां बाघ अभयारण्य घोषित किया गया है. सागर में डॉ. भीमराव अभयारण्य और श्योपुर में जहांगीर अभयारण्य की स्थापना भी की गई है. नौरादेही अभयारण्य को चीतों के तीसरे आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है.
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए सरकार ने कई नियम सरल किए हैं और अनावश्यक प्रावधानों को हटाया है. पटेल ने कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2024 और 2025 के जरिए राज्य में उद्योग स्थापित करने और कारोबार करने की प्रक्रिया आसान हुई है.
गणतंत्र दिवस समारोह की झलक
कार्यक्रम में राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को दर्शाने वाली झांकियों को देखा. इसी तरह संभागीय और जिला मुख्यालयों में भी गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किए गए. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इंदौर में तिरंगा फहराया.