तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला, नर्मदा में नाव डूबी; NDRF ने आठ श्रद्धालुओं को बचाया

ओंकारेश्वर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब नर्मदा नदी में एक नाव असंतुलित होकर डूब गई. गनीमत रही कि एनडीआरएफ और स्थानीय नाविकों की तत्परता से सभी 8 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

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विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर (Omkareshwar) में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. ओंकारेश्वर थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी घाट (Brahmpuri Ghat) पर नर्मदा नदी (Narmada River) में एक नाव असंतुलित होकर डूब गई. नाव में बच्चे, महिला एवं पुरुष सहित कुल आठ श्रद्धालु सवार थे. गनीमत रही कि समय रहते एनडीआरएफ, स्थानीय नाविकों और पुलिस की तत्परता से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है.

जानकारी के अनुसार, ओंकारेश्वर बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. इसी दौरान घाट पर लगी रेलिंग से नाव टकरा गई, जिससे नाव असंतुलित होकर पानी में डूब गई. नाव डूबते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई और श्रद्धालुओं में भय का माहौल बन गया.

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एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं, स्थानीय नाविकों ने भी साहस का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए बचाव कार्य में सहयोग किया. सूचना मिलते ही ओंकारेश्वर थाना प्रभारी अनूप सिंधिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, साथ ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

अगर रेस्क्यू नहीं होते श्रद्धालु तो...

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है. हालांकि, इस घटना ने घाटों पर नाव संचालन, जलस्तर की पूर्व सूचना और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था.

फिलहाल प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है. वहीं, घाटों पर नाव संचालन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त करने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है.

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