मैहर व्हाइट टाइगर सफारी के रेप्टाइल हाउस उद्घाटन पर विवाद, कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम से रहे दूर

MP News: मैहर की महाराज मार्तण्ड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी में बने नए रेप्टाइल हाउस के उद्घाटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण नहीं मिलने से नाराजगी है, वहीं निर्माण के लिए DMF फंड के उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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मध्य प्रदेश के मैहर जिले की महाराज मार्तण्ड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी में नव निर्मित रेप्टाइल हाउस के उद्घाटन समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कार्यक्रम में कई प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया गया, लेकिन जिले के अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने इससे दूरी बना ली.

बताया जा रहा है कि वन विभाग की ओर से आमंत्रण सूची तैयार करने में कई जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया गया, जिससे नाराजगी का माहौल बन गया है. हालांकि विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.

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आमंत्रण सूची को लेकर बढ़ी नाराजगी

सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम के बैनर और आमंत्रण सूची में पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल को विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल किया गया, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल का नाम तक दर्ज नहीं किया गया.

इसे लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी जा रही है और वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. कई नेताओं का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम से दूर रखना उचित नहीं है.

रेप्टाइल हाउस में लाई गई 12 प्रजातियों की सांप

सफारी परिसर में बनाए गए रेप्टाइल हाउस में कुल 12 प्रजातियों के सांप लाए गए हैं. इनमें कोबरा, क्रेट, रसेल वाइपर, रैट स्नेक, धामन, सैंड बोआ, कॉमन वाइपर और बैंडेड कैट स्नेक सहित अन्य प्रजातियां शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक यहां किंग कोबरा का जोड़ा लाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल केवल नर किंग कोबरा ही लाया गया है.

DMF फंड से निर्माण पर उठे सवाल

रेप्टाइल हाउस के निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक इसका निर्माण जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद से कराया गया है. जबकि नियमों के अनुसार इस मद से ऐसे निर्माण कार्य की पात्रता को लेकर स्पष्टता नहीं है. इसी वजह से परियोजना को अनुमति दिए जाने पर भी सवाल उठने लगे हैं.

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जांच की बात, क्या होगी कार्रवाई

मामले की चर्चा बढ़ने पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने ऑफ कैमरा बातचीत में पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने की बात कही है. वहीं NDTV ने जब जनपद अध्यक्ष माया विनीत से कार्यक्रम में शामिल न होने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि कार्यक्रम उनके क्षेत्र में हो रहा था, लेकिन उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया. इसी तरह व‍िधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें डीएफओ का फोन आया था, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम में जाने से मना कर दिया. 

रेप्टाइल हाउस जिला खनिज मद से 3 करोड़ 26 लाख रुपये में बना है.  सतना जिले के खाते से बना और जलवा रीवा का हो रहा जबकि मनोरंजन में DMF जारी नहीं हो सकता है. सतना के प्रतिनिधियों और प्रसाशन को बुलाया भी नहीं बुलाया गया. मैहर जिले से कोई जन प्रतिनिधियो नहीं आया. यहां तक की कलेक्टर, एसपी, एसडीएम अमरपाटन को भी नहीं बुलाया. वहीं डीएफओ सतना उपस्थित रहे, लेकिन उनका भी नाम एक बार भी नहीं पुकारा गया. बगल के रामपुर विधायक विक्रम सिंह भी नहीं शाम‍िल हुए. बल्कि रीवा और सीधी के नेता उपस्थित रहे. 

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