Mahakumbh Stampede: महाकुंभ में आपात स्थिति से निपटने की कैसी हैं तैयारियां? यात्रा से पहले इन बातों पर दें ध्यान

Mahakumbh Stampede: महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या की रात भगदड़ मच गई, जिसके बाद कई लोग घायल हो गए. इसके बाद सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. आइए आपको बताते हैं, महाकुंभ में शासन और प्रशासन की कैसी हैं तैयारियां...

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मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में अमृत स्नान को जुटे श्रद्धालु.

Mahakumbh 2025 Stampede: महाकुंभ 2025 मेले में मौनी अमावस्या पर रात में भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. यह हादसा संगम घाट पर हुआ है. हालातों को देखते हुए 13 अखाड़ा परिषद ने आज के लिए अमृत स्नान न करने का फैसला लिया है. मौनी अमावस्या होने के कारण महाकुंभ में स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. भगदड़ के बाद अब हालात सामान्य बताए जा रहे हैं. आइए जानते हैं महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं.

प्रयागराज में महाकुंभ के अवसर पर रोज हर घाट पर भीड़ जुट रही है. ज्यादातर लोग संगम घाट पर स्नान का रुख कर रहे हैं. हालांकि लोग प्रयागराज में किसी भी घाट पर स्नान कर सकते हैं.

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हर घाट पर 'अमृत'

आध्यात्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर ने भी भगदड़ के बाद कहा है कि वो संगम घाट पर नहीं गए, क्योंकि वहां भीड़ बहुत ज्यादा है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ संगम घाट पर स्नान करने पर जोर न दें। पूरी गंगा और यमुना नदियां इस समय 'अमृत' हैं.

कैसी हैं महाकुंभ की तैयारियां

महाकुंभ में हुई भगदड़ ने सरकार और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं. इस बार में मेले में 45 करोड़ लोगों के आने का अनुमान जताया है. वहीं, 13 जनवरी से शुरु हुए महाकुंभ में 27 जनवरी तक 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं.

मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है. इस वजह से प्रयागराज में आज 10 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई गई है.

महाकुंभ का दायरा बढ़ाया

प्रशासन ने दावा किया कि महाकुंभ मेले में करोड़ों लोगों के आने के अनुमान के साथ ही तैयारियां की गईं. भीड़ को संभालने के लिए 50 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया. पिछली बार 2019 में अर्धकुंभ मेला क्षेत्र 3200 हेक्टेयर था, इस बार ये महाकुंभ का इलाका 4000 हेक्टेयर रहेगा.

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पानी, लाइट और शौचालय की व्यवस्था

साफ पेयजल के लिए महाकुंभ में जल निगम ने 1250 किमी की पाइपलाइन बिछाई है. बिजली विभाग ने 67000 एलईडी लाइटें लगाई हैं. एक लाख पचास हजार शौचालय बनाए गए हैं. वहीं, इनकी सफाई के लिए 10000 कर्मचारी तैनात किए हैं.

सड़कों का बिछाया जाल

पूरे मेला क्षेत्र में 488 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई गई हैं. इसके अवाला 30 अस्थाई पुल भी बनाए हैं. महाकुंभ में 328 एआई कैमरे और प्रयागराज शहर में 2700 एआई कैमरे लगे हैं. इनसे निगरानी की जा रही है और चेहरे की पहचान में मदद मिल रही है.

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आपात स्थिति से निपटले के लिए

आपात स्थिति से निपटने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है, जिसमें 10 बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पताल भी हैं. मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 100 बेड का केंद्रीय अस्पताल बनाया गया है. इसके अलावा 23 अन्य अस्पताल बनाए गए हैं.

125 एंबुलेंस महकुंभ में तैनात, रिवर-एयर एंबुलेंस की भी सुविधा

महाकुंभ के दौरान गंभीर रोगियों के लिए आईसीयू बेड का इंतजाम भी किया गया है. 125 एंबुलेंस महाकुंभ में तैनात की गई हैं. करीब 60 रिवर एंबुलेंस रहेंगी. एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है. कुंभ मेला परिसर में करीब 600 बेड लगाए गए हैं. पूरे प्रयागराज में करीब 6000 बेड आरक्षित किए हैं.

प्रयागराज पुलिस लाइन से नजर

प्रयागराज पुलिस लाइन के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईट्रिपलसी) से शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से यातायात, सुरक्षा-व्यवस्था और भीड़ पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि कुंभ में आने वाले लोगों के ठहरने के लिए हमेशा की तरह एक टेंट सिटी भी बनाई गई है.

सुरक्षा-व्यवस्था के लिए बल तैनात, तैयारियां कैसी?

13 अस्थाई पुलिस थाने और 23 चौकियां स्थापित की गई हैं. इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी, बम निरोधक दस्ता और अन्य फ़ोर्स भी तैनात की गई है. प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस के शहरी और ग्राणीण क्षेत्रों में लगभग 10 हजार पुलिस बल तैनात किया गया है. महाकुंभ को देखते हुए प्रयागराज में 57 थाने बनाए गए हैं.

सहायता के लिए ऐप, नंबर और हेल्प डेस्क

महाकुंभ प्रशासन ने मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन नंबर 1920 भी जारी किए हैं. इस ऐप पर आप गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं. पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 और आपदा हेल्पलाइन 1077 पर कॉल करके भी तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है. हेल्प डेस्क, पहचान पत्र और प्रशासन की मदद से आप अपनों को आसानी से ढूंढ सकते हैं.

सीएम योगी की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी घाट पर ही स्नान करें और संगम घाट की ओर जाने की कोशिश न करें. प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और उनका सहयोग करें. उन्होंने किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने को भी कहा है.