MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां सात फेरों से पहले ही 'गदर' मच गया. आमतौर पर शादियों में विवाद खाने की क्वालिटी या दहेज को लेकर होते हैं, लेकिन यहां तो मामला ही चौंकाने वाला था. विवाद की जड़ बनी हवन कुंड के पास रखी एक मामूली सी लकड़ी और पंडितजी का वह तीखा मजाक, जिसने दूल्हे के भाई के 'ईगो' को चोट पहुंचा दी. देखते ही देखते मंगल गीतों की गूंज, चीख-पुकार और उड़ती हुई कुर्सियों के शोर में बदल गई.
क्या था पूरा मामला?
मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित मोती झील (शिवानी नगर) का है. सतीश पाल की चचेरी बहन की शादी की रस्में जोर-शोर से चल रही थीं. मेहमान नाच-गा रहे थे और मंडप में फेरों की तैयारी अंतिम चरण में थी. पंडितजी विधि-विधान के साथ मंत्रोच्चार कर रहे थे. इसी दौरान पंडितजी ने दूल्हे के मौसेरे भाई विशाल को हवन के लिए एक लकड़ी तोड़ने का काम सौंप दिया.
विशाल ने पूरी ताकत लगाकर लकड़ी तोड़ने की कोशिश की, लेकिन शायद लकड़ी कुछ ज्यादा ही मजबूत थी या विशाल का दांव सही नहीं पड़ा. लकड़ी नहीं टूटी. बस यहीं से विवाद का बीज पड़ गया. पंडितजी ने चुटकी लेते हुए कह दिया, "जब एक छोटी सी लकड़ी नहीं तोड़ पा रहे, तो जिंदगी में आगे क्या करोगे?"
मजाक बना जी का जंजाल
पंडितजी ने तो यह बात हंसी-मजाक में कही थी, लेकिन सबके सामने हुए इस कटाक्ष को विशाल बर्दाश्त नहीं कर पाया. उसने इसे अपना अपमान समझा और पंडितजी से अभद्रता शुरू कर दी. वधू पक्ष के लोग, जो अब तक खुशियों में डूबे थे, उन्होंने बीच-बचाव कर माहौल को शांत करने की कोशिश की. लेकिन बात बनने के बजाय बिगड़ गई. दूल्हे पक्ष को लगा कि वधू पक्ष पंडितजी का साथ दे रहा है.
मंडप बना अखाड़ा, चलीं कुर्सियां
फिर क्या था? देखते ही देखते शादी का पवित्र मंडप एक अखाड़े में तब्दील हो गया. दोनों पक्षों की ओर से मर्यादा की दीवारें ढह गईं. लात-घूंसे चलने लगे और जिसे जो मिला. चाहे वह पानी की बोतल हो या बैठने वाली कुर्सी. एक-दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया. शादी की रस्में बीच में ही रुक गईं और बाराती-घराती अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे.
पुलिस की एंट्री और क्रॉस केस
हंगामे की सूचना मिलते ही पुरानी छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों गुटों को अलग किया. CSP ग्वालियर नागेंद्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, माहौल इतना खराब हो चुका था कि पुलिस को सख्त रुख अपनाना पड़ा. इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 4 मुख्य उपद्रवियों को हिरासत में लिया है. मजे की बात यह रही कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ 'क्रॉस केस' दर्ज करवाया है. पुलिस ने मारपीट और शांति भंग करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है.
देर रात 'शांति' के साथ संपन्न हुए फेरे
थाने की कार्रवाई और पुलिस की लंबी समझाइश के बाद, दोनों पक्ष वापस मंडप में बैठने को तैयार हुए. जो काम पहले प्यार से हो सकता था, वह पुलिस की निगरानी में हुआ. भारी तनाव के बीच देर रात शादी की रस्में फिर से शुरू हुईं और आखिरकार वर-वधू ने सात फेरे लिए.
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