मध्य प्रदेश में तेंदुए के शिकार में शामिल अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. एसटीएसएफ ने कार्रवाई करते हुए यूपी के आगरा से चार तस्करों को पकड़ा है. इनमें दो हरियाणा और दो एमपी के आरोपी हैं. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के निर्देश पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने तस्करों के पास से 10 तेंदुए की खालों को बरामद किया है.
इस तस्कर गिरोह के यूपी से भी तार मिले हैं. एमपी के श्योपुर और मुरैना जिले के जंगलों में शिकार स्थल और हड्डियां मिलने के बाद वन विभाग ने शिकारियों की तलाश शुरू की थी. पूछताछ में MP कनेक्शन सामने आने पर STSF ने एक्शन लिया है. अब तक आरोपियों ने 10 तेंदुओं के शिकार की बात कबूल की है. इनमें छह तेंदुओं का कूनो वन्यजीव वनमंडल, दो का श्योपुर वनमंडल और दो का चंभल अभयारण्य में शिकार किया गया था. मुरैना में पैरों को पकड़ने वाला फंदा बरामद हुआ.
दरअसल, 30 जुलाई को STSF, कूनो, श्योपुर और मुरैना वनमंडल की संयुक्त टीम ने शिकारियों की निशानदेही पर अलग-अलग शिकार स्थलों को ट्रेस किया था. मौके से भारी मात्रा में तेंदुए की हड्डियां और अवशेष बरामद हुए थे. इस मामले में दो नए अपराध दर्ज हुए हैं. इस मामले में पुलिस 7 शिकारियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
गिरफ्तार शिकारी सभी श्योपुर-मुरैना के रहने वाले
- इकराम पुत्र मनीराम आदिवासी, निवासी- झार बड़ोदा (श्योपुर)
- लज्जाराम पुत्र विद्या उर्फ पथानाथ, निवासी- झार बड़ोदा
- गोपाल पुत्र कालू आदिवासी, निवासी- झार बड़ोदा
- महेश पुत्र जरदन आदिवासी, निवासी- झार बड़ोदा
- प्रकाश पुत्र होतम आदिवासी, निवासी- झार बड़ोदा
- हुब्बा पुत्र दीवान आदिवासी, निवासी- झार बड़ोदा
- गब्बर पुत्र सरूपा, निवासी- हेंसड़ा (मुरैना) (आगरा कोर्ट की अभिरक्षा में)