MP Corruption Scandal: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. नगर पालिका ने मूर्ति लगाने के लिए लगभग 10 लाख रुपये का टेंडर निकाला था, लेकिन वहां धातु या पत्थर की मूर्ति की जगह मात्र एक लाख रुपये की फाइबर मूर्ति लगा दी गई. कांग्रेस ने इसे खुला भ्रष्टाचार बताते हुए कलेक्टर को शिकायत दी है और जांच की मांग की है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, खरगोन नगर पालिका ने 24 सितंबर 2025 को पीआईसी बैठक में निर्णय लिया कि बिस्टान रोड तिराहे पर टंट्या मामा की मूर्ति लगाई जाएगी. विज्ञप्ति में साफ लिखा था कि मूर्ति संगमरमर या धातु की होगी. कलेक्टर ने भी यही निर्देश दिए थे, लेकिन नियमों को दरकिनार कर फाइबर की मूर्ति स्थापित कर दी गई.
टेंडर और कीमत में बड़ा अंतर
नगर पालिका ने पिनाक ट्रेडिंग कंपनी से मूर्ति खरीदने का सौदा 9,90,000 रुपये में किया. जबकि बाजार में फाइबर मूर्ति की कीमत एक लाख रुपये से भी कम है. कांग्रेस का आरोप है कि यह न केवल भ्रष्टाचार है बल्कि आदिवासी समाज और जननायक टंट्या मामा का अपमान भी है.
कांग्रेस का आरोप और कलेक्टर की प्रतिक्रिया
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नायक ने दस्तावेजों के साथ शिकायत करते हुए कहा कि नगर पालिका ने नियमों का उल्लंघन किया है. कलेक्टर ने आठ दिन में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो 16 जनवरी को मूर्ति के सामने धरना-प्रदर्शन होगा.
महापुरुषों के सम्मान के साथ खिलवाड़
प्रतिमाएं हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान के लिए लगाई जाती हैं. लेकिन इस मामले में भ्रष्टाचार ने उस सम्मान को ठेस पहुंचाई है. कांग्रेस का कहना है कि नगर पालिका ने महापुरुषों को भी नहीं छोड़ा और जनता के पैसे का दुरुपयोग किया.