MP News: कानून के रखवाले ही लूट और रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे, पांच आरोपी पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

Indore police news: पूरा मामला इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के हरि दर्शन अपार्टमेंट निवासी गौरव जैन के चेक बाउंस मामले में ग्वालियर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था. आरोप है कि एक अप्रैल की रात करीब 11:45 बजे एसआई संजय विश्नोई अपने साथ प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा, प्रणित भदौरिया, रवींद्र कुशवाहा, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा को लेकर गौरव के फ्लैट पर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि दबिश से पहले फ्लैट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए, ताकि पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड न हो सके.

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कानून के रखवालों ही लूट और रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे, आरोपी पांच पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
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Indore police ka karnama: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) के लसूड़िया थाना क्षेत्र में खाकी को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल, यहां कानून के रखवालों पर ही लूट, दबाव और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं. लसूड़िया थाने के एसआई संजय विश्नोई समेत पांच पुलिसकर्मियों पर 22.50 तोला सोना गायब करने और ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप लगा है.

मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. लिहाजा, डीसीपी कुमार प्रतीक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया.

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चेक बाउंस मामले में कार्रवाई के नाम पर दबंगई

पूरा मामला इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के हरि दर्शन अपार्टमेंट निवासी गौरव जैन के चेक बाउंस मामले में ग्वालियर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था. आरोप है कि एक अप्रैल की रात करीब 11:45 बजे एसआई संजय विश्नोई अपने साथ प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा, प्रणित भदौरिया, रवींद्र कुशवाहा, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा को लेकर गौरव के फ्लैट पर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि दबिश से पहले फ्लैट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए, ताकि पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड न हो सके. इसके बाद नकली चाबी से ताला खोलकर पुलिसकर्मी घर में घुस गए और पूरे फ्लैट की तलाशी के नाम पर कोना-कोना खंगाल डाला. आरोप है कि इस दौरान घर में 22.50 तोला सोना भी चुराकर पुलिस वाले ले गए.

जांच के बाद पांचों आरोपी पुलिसकर्मी निलंबित

वहीं, गौरव जैन ने आरोप लगाया है कि दबिश के दौरान घर से 22.50 तोला सोना गायब कर दिया गया. इतना ही नहीं, मामले को दबाने और राहत देने के नाम पर ऑनलाइन रिश्वत लेने के आरोप भी पुलिसकर्मियों पर लगे हैं. एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत सामने आते ही यह मामला महज अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर लूट का सामने आया.  

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लिहाजा, पूरे मामले की शिकायत डीसीपी कुमार प्रतीक के पास पहुंचने पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने पांचों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया. इसके साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. पूरे घटनाक्रम के तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं.

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