कूनो में फिर बड़ा चीतों का कुनबा! 25 महीने की मादा चीता ने 4 शावकों को दिया जन्म, सीएम यादव ने दी बधाई

श्योपुर के कुनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारत में जन्मी 25 महीने की मादा चीता ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है. इसके साथ ही कुनो में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई.

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Kuno National Park Cheetah Cubs: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी सामने आई है. कूनो की धरती पर चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है और अब एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. भारतीय भूमि पर जन्मी 25 महीने की मादा चीता ने खुले जंगल में चार नन्हे शावकों को जन्म दिया है.  

दरअसल, श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों का परिवार लगातार बढ़ता जा रहा है. दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी की भारत में जन्मी संतान अब खुद मां बन गई है. 25 महीने की इस मादा चीता ने चार शावकों को जन्म देकर चीता प्रोजेक्ट को एक नई मजबूती दी है. यह भारत में चीतों के पुनर्वास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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भारतीय पीढ़ी की चीतों में हो रहा इजाफा

कूनो में जन्मी मादा चीता ने साबित कर दिया है कि भारतीय परिस्थितियां चीतों के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं. इससे पहले जवाला की संतान मुखी, जो भारत की धरती पर कूनो में जन्मी थी, उसने भी जंगल में स्वतंत्र जीवन जीते हुए पांच शावकों को जन्म दिया था. मुखी ने अकेले रहकर शिकार करने के गुर सीखे और अब भारतीय पीढ़ी की चीताओं के वंश को आगे बढ़ाया. अब दूसरी भारतीय मादा चीता के चार शावकों के जन्म से इस श्रृंखला को और मजबूती मिली है.

चीतों की संख्या बढ़कर पहुंची 57

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वर्तमान समय में भारत में चीतों की कुल संख्या 57 तक पहुंच चुकी है. इनमें से कूनो नेशनल पार्क में वयस्कों और शावकों को मिलाकर 54 चीते मौजूद हैं. वहीं, मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण में तीन चीते खुले वातावरण में अपनी रफ्तार भर रहे हैं. यह आंकड़े साफ बताते हैं कि चीता प्रोजेक्ट तेजी से सफल हो रहा है.

मादा चीता और शावक पूरी तरह स्वस्थ

वन विभाग के अनुसार, कूनो में जन्मी मादा चीता और उसके चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं. वन्यजीव चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं, ताकि शावकों को सुरक्षित माहौल मिल सके और वे अच्छे से विकसित हो सकें.

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सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस खुशी के मौके पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बधाई दी. उन्होंने लिखा कि अब मध्य प्रदेश चीतों के पुनरुद्धार का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है. सीएम ने कहा कि गामिनी से जन्मी भारतीय मूल की 25 माह की मादा चीता द्वारा खुले जंगल में चार शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश की धरती चीतों के वंश विस्तार के लिए पूरी तरह अनुकूल है. उन्होंने कूनो के प्रबंधन और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम को भी शानदार काम के लिए बधाई दी.