Jabalpur Bargi Cruise Accident: जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे की जांच के लिए राज्य स्तरीय कमेटी बनाई गई है. राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी गठित की. कमेटी में एडी होमगार्ड व सिविल डिफेंस, जबलपुर संभागायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव को सदस्य बनाया गया. यह कमेटी 15 दिन में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी.
बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज डूबा था. इसमें सवार 13 पर्यटकों की मौत हो गई. हालांकि उसमें करीब 47 पर्यटक सवार थे, जिनमें से 28 लोगों को बचा लिया गया था. यह हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था और उस समय हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी.
30 अप्रैल को हादसे के कुछ घंटे बाद 4 शव बरामद किए. फिर एक मई को 5 शव, दो मई को 2 और तीन मई को दो शव बरामद किए गए. मृतकों में एक पुरुष, 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं.
- नीतू सोनी(43 वर्ष)
- सौभाग्यम अलागन(42)
- मधुर मौसी (62)
- करकुलाझी
- रेशमा सैयद
- शमीम नकवी
- मरीना मौसी
- ज्योति सेन
- त्रिशान
- श्रीतमिल
- विराज सोनी
- मयूरन
- कमराज
इस हादसे के बाद 1 मई को सबसे दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया. बचाव दल को एक मां और उसके चार साल के बेटे का शव मिला, जो एक-दूसरे से चिपके थे. यह शव मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की थी. मरिना मैसी परिवार के साथ दिल्ली से घूमने आई थीं. जब हादसा हुआ, तो मां ने अपने बेटे को अपनी ही लाइफ जैकेट में समेट लिया था. उसे सीने से कसकर जकड़ लिया... शायद वह उसे बचाना चाहती थी, शायद उन्हें भरोसा था.
मां के सीने से लिपटे बच्चे की इस तस्वीर को देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई थी. इस तस्वीर को देख मौके पर मौजूद मंत्री राकेश सिंह भी रोने लगे थे.
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