Police Academy Bhopal: मध्यप्रदेश पुलिस (MP Police) लगातार अपनी कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक और आपातकालीन चुनौतियों के अनुरूप विकसित करने में जुटी है. इसी कड़ी में राजधानी भोपाल के भौंरी स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में दो महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए. इनमें एक ओर पुलिस अधिकारियों और जवानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीक के उपयोग से अवगत कराया गया, वहीं दूसरी ओर NDRF के साथ मिलकर आपदा प्रबंधन की विस्तृत मॉक ड्रिल की गई, जिसमें रासायनिक, जैविक और रेडियोलॉजिकल खतरों से निपटने के व्यावहारिक अभ्यास शामिल थे.
AI पर एक दिवसीय सेमिनार
पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता' विषय पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह के मार्गदर्शन में और पुलिस अधीक्षक (PTS) यास्मीन ज़हरा जमाल के पर्यवेक्षण में किया गया. सेमिनार में विशेषज्ञ वक्ताओं दिव्यांश पांडे, सोमशेखर रेड्डी और गरिमा मेहता ने “Artificial Intelligence-Fundamental & Essential Guide” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किए.
Police Academy Bhopal: एआई ट्रेनिंग
तकनीकी सत्र के दौरान वक्ताओं ने मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, प्रेडिक्टिव एनालिसिस और पुलिसिंग में इनके उपयोग पर प्रकाश डाला. हेमंत वर्मा ने “Application of AI in Policing” विषय पर अपने व्याख्यान में बताया कि किस प्रकार AI के प्रयोग से अपराध अनुसंधान, डेटा विश्लेषण, अपराध अनुमान, साइबर अपराध की पहचान और मॉनिटरिंग गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है.
आपदा प्रबंधन और CBRN मॉक ड्रिल
तकनीकी दक्षता के साथ-साथ पुलिस बल को वास्तविक आपदा परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए पुलिस अकादमी में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम द्वारा व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान उप पुलिस अधीक्षकों, नव-आरक्षकों और स्टाफ को CPR, एयरवे ऑब्स्ट्रक्शन हटाने, रक्तस्राव नियंत्रण तथा घायलों के सुरक्षित परिवहन जैसे प्राथमिक उपचारों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया.
इस दौरान जवानों ने PPE किट, रेडिएशन-रोधी सूट, मार्क-4 ऑक्सीजन सिलेंडर और विशेष फेस मास्क जैसे उपकरणों का उपयोग करते हुए डीकन्टेमिनेशन, हॉट-ज़ोन प्रबंधन और खतरनाक अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान की प्रक्रियाएं सीखीं.
“पुलिस ही होती है प्रथम प्रतिक्रिया बल”
कार्यक्रम के दौरान अकादमी के उपनिदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाली एजेंसी होती है, इसलिए ऐसी ट्रेनिंग अत्यंत आवश्यक है. NDRF के डीआईजी मनोज शर्मा और सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) रश्मि पांडे की मौजूदगी में यह प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बना.
इन दोनों कार्यक्रमों ने न केवल पुलिस बल की तकनीकी समझ को सुदृढ़ किया, बल्कि आपात स्थितियों के प्रति उनकी तत्परता और प्रतिक्रिया क्षमता को भी मजबूत किया. आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस के निरंतर विकसित होते प्रशिक्षण ढांचे की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है.
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