मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस का लगातार विरोध जारी है. वहीं, अब कांग्रेस कार्यकर्ता अपने दिग्गजों का विरोध करते नजर आ रहे है. भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्त्ताओ ने विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी का ही प्रतीकात्मक पुतला दहन कर दिया.
दरअसल, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच मंच पर तीखी तनातनी देखने को मिली थी. राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विवाद पर बुलाई गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं के बीच असहजता और नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ.
मंच पर ऐसे दिखी अंदरूनी खींचतान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर जब दिग्विजय सिंह मीनाक्षी नटराजन के वकील जेपी धनोपिया को बोलने का इशारा कर रहे थे, तभी प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने उन्हें बीच में ही टोक दिया. हरीश चौधरी के टोकने के बाद दिग्विजय सिंह असहज हो गए और जब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें मीडिया को संबोधित करने के लिए माइक ऑफर किया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया. इस घटना के बाद कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान सबके सामने आ गई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नाराज कार्यकर्ताओं ने कुछ जगहों पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी का पुतला तक फूंक दिया.
लक्ष्मी टॉकीज, भोपाल पर पूर्व जिला कांग्रेस प्रवक्ता ओसाफ अली के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर नाराजगी व्यक्त की गई.
आहत हुई भावनाएं
प्रदर्शन में शामिल ओसाफ अली ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के प्रति सार्वजनिक मंच पर कथित रूप से प्रदर्शित असम्मानजनक व्यवहार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं. मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान बनाए रखना संगठन की जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच दिग्विजय सिंह का विशेष सम्मान है और किसी भी वरिष्ठ नेता के प्रति अनादर की भावना स्वीकार नहीं की जा सकती. कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी की भूमिका एवं कार्यशैली की समीक्षा की जाए तथा प्रदेश में ऐसा प्रभारी नियुक्त किया जाए जो वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं संगठनात्मक परंपराओं का सम्मान करता हो.