इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड सफर को साकार करने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. इसके लिए अंडरग्राउंड टनल तैयार करने के लिए बाहर से लाई गई अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) जमीन में नीचे उतरने के लिए तैयार है. करीब एक महीने के इंतजार के बाद यह मशीन जमीन से 20 मीटर नीचे उतरकर खुदाई करेगी.
24 घंटे काम करेगी 1,000 टन वजनी 'सुपर मशीन'
करीब 1,000 टन वजनी यह अत्याधुनिक टीबीएम मशीन लगातार 24 घंटे काम करेगी और रोजाना औसतन 20 मीटर लंबी सुरंग तैयार करेगी. इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल मिट्टी और चट्टानों की खुदाई ही नहीं करती, बल्कि आगे बढ़ते हुए सुरंग की कंक्रीट की मजबूत दीवारें (रिंग्स) भी साथ-साथ बनाती जाती है. इससे सुरंग का निर्माण तेज होने के साथ-साथ यह अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनती है.
एयरपोर्ट से कालानी नगर तक पहला चरण
वर्तमान में इस विशालकाय मशीन को असेंबल करने का काम तेजी से चल रहा है, जिसे एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. असेंबलिंग पूरी होते ही एयरपोर्ट क्षेत्र से पहला अंडरग्राउंड सेक्शन तैयार करने की शुरुआत होगी. शुरुआती चरण में एयरपोर्ट से कालानी नगर के बीच सुरंग खोदी जाएगी.
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12 किमी का रूट होगा अंडरग्राउंड
बता दें कि इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत कुल 12 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड (भूमिगत) रहना है. यह चरण शहर के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा.
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