इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर जारी, 60 साल की महिला की मौत, लोगों में भारी आक्रोश 

MP News: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर जारी है. यहां अब 60 साल की महिला की मौत हो गई है. इसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से बीमार पड़ने और मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामले में 60 वर्षीय महिला गीता बाई धुरकर की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है. परिजनों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई थी. कई घरों में एक साथ लोग बीमार पड़ने लगे थे.

 इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर घर-घर सर्वे और जांच की थी. उस समय गीता बाई धुरकर को भी उल्टी-दस्त की शिकायत थी हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. परिजनों ने बताया कि गीता बाई के बेटे और भतीजे को भी इसी तरह की समस्या हुई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत में सुधार हो गया. वहीं गीता बाई की उम्र अधिक होने और लगातार उल्टी-दस्त के कारण शरीर में पानी की भारी कमी हो गई, जिससे उनकी स्थिति गंभीर होती चली गई. तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई स्थानीय

लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पीने के पानी की सप्लाई दूषित है. नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें कई बार नगर निगम और संबंधित विभागों से की गईं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है,  घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ाने और शेष मरीजों की जांच व इलाज की बात कही है. वहीं प्रशासन ने दूषित पानी के सैंपल लेकर जांच कराने का दावा किया है. बावजूद इसके, लगातार हो रही मौतों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था की मांग की है.

ये भी पढ़ें इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बहा- ‘सबसे साफ़ शहर' में दूषित पानी से 11 मौतें, 1400 बीमार, सिस्टम की नाकामी है

Advertisement
Topics mentioned in this article