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Indore: 1.50 करोड़ का 25 हजार लीटर 'गोवर्धन घी' सीज, लैब रिपोर्ट आने तक बिक्री पर लगी रोक 

इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवर्धन ब्रांड के 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगा दी है. 1.50 करोड़ रुपये मूल्य के इस स्टॉक के 20 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने तक बिक्री प्रतिबंधित रहेगी.

Indore: 1.50 करोड़ का 25 हजार लीटर 'गोवर्धन घी' सीज, लैब रिपोर्ट आने तक बिक्री पर लगी रोक 
indore food safety raid goverdhan ghee stock seized worth 1.5 crore.

इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने इंदौर में 'गोवर्धन' ब्रांड के करीब 25 हजार लीटर घी के स्टॉक की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. जब्त किए गए इस स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है. सुरक्षा टीम ने घी के 20 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट आने तक इस पूरे स्टॉक की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी.

पराग मिल्क फूड्स के डिपो पर केंद्रीय टीम की छापेमारी

दरअसल, खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में दूध एवं दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता जांच का विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने ए.बी. रोड स्थित 'पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड' के डिपो पर निरीक्षण किया. यह डिपो पूरे मध्य प्रदेश में गोवर्धन ब्रांड घी की आपूर्ति का मुख्य केंद्र है.

प्रतिष्ठान के पास केंद्रीय लाइसेंस होने के कारण इसकी सूचना तत्काल एफएसएसएआई (FSSAI) वेस्टर्न रीजन को दी गई. इसके बाद केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न पैकिंग्स से 20 नमूने लिए और 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगा दी.

'गोपीश्री' ब्रांड का घी भी जब्त, रेस्टोरेंट को नोटिस

कार्रवाई के दौरान खाद्य अधिकारियों ने भावण्या एंटरप्राइजेज पर छापा मारकर 'गोपीश्री' ब्रांड घी के चार नमूने लिए. यहां से करीब 312 लीटर घी (कीमत लगभग 1.34 लाख रुपये) को रिपोर्ट आने तक के लिए जब्त कर लिया गया.

रेस्टोरेंट को नोटिस किया जारी 

इसके अलावा, विजयनगर स्थित एक रेस्टोरेंट में अस्वच्छता की शिकायत मिलने पर निरीक्षण किया गया. रसोई में स्वच्छता मानकों का पालन न होने पर प्रतिष्ठान को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है. वहीं महू क्षेत्र में शिकायत के आधार पर बेसन, मिठाई, शक्कर और नमकीन के छह नमूने भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए हैं.

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी और कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी उत्पाद में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है.

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