Minister Kailash vijayvargiya Controversial Statement: मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदे पानी से 10 की मौत के बाद NDTV के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए और शब्दों की मर्यादा लांघते हुए कैमरों के सामने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया. मंत्री के इस बयान के बाद अब विपक्षी से लेकर आमजन भी मंत्री को बुरी तरह घेर रहे हैं. सभी की प्रतिक्रिया सामने आ रही है और सरकार पर जबरदस्त गुस्सा फूट रहा है. आइए जानते हैं...
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में जहरीले पानी से हुई मौतों को लेकर जब NDTV ने राज्य सरकार से सवाल पूछा, तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपना आपा खो बैठे. कैमरों के सामने उन्होंने पत्रकार के सवाल पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद और गहरा गया. मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है.
कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब इंदौर में मौतों का आंकड़ा 8 से बढ़कर 10 हो गया है, तब भी भाजपा नेताओं का रवैया असंवेदनशील और अहंकारी बना हुआ है.
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल करते हुए लिखा कि न तो पीड़ितों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, न ही सरकार की ओर से संवेदना दिखाई दे रही है, उल्टा मंत्री पत्रकारों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं. उन्होंने ऐसे मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लेने की मांग की. इतना ही नहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स भी मंत्री के लिए जमकर भड़ास निकाल रहे हैं.
इस पूरे मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को घेरा है. उन्होंने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि-
विवाद बढ़ने पर खेद जताया
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयान पर सफाई देते हुए माफी मांगी और शब्दों के लिए खेद जताया. हालांकि, इसके बावजूद विपक्ष और आमजन का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है.फिलहाल, इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और मामले की जांच की मांग तेज हो गई है.
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