हरदा का हंडिया तीर्थ स्थल घोषित! अब शराब और मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित 

मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया गांव को राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से तीर्थ स्थल घोषित कर दिया है. नर्मदा तट स्थित हंडिया और नेमावर में अब शराब और मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी.

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Handia Declared Pilgrimage Site: मध्य प्रदेश के हरदा जिले के लिए एक बड़ी और भावनात्मक खबर सामने आई है. नर्मदा तट पर बसे हंडिया गांव को आखिरकार वह मान मिल गया, जिसकी लंबे समय से मांग की जा रही थी. राज्य सरकार ने हंडिया को आधिकारिक रूप से तीर्थ स्थल घोषित कर दिया है. इसके साथ ही यहां शराब और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह फैसला स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर लिया गया, जिससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान और मजबूत होने जा रही है.

हंडिया को मिला आधिकारिक तीर्थ स्थल का दर्जा

मध्य प्रदेश शासन के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा जारी आदेश में हंडिया को तीर्थ स्थल घोषित किया गया है. नर्मदा तट पर स्थित इस प्राचीन स्थान को श्रद्धालु वर्षों से पवित्र धरोहर की तरह मानते आए हैं. अब इसे राज्य की स्वीकृत तीर्थ सूची में भी शामिल कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है.

शराब और मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

जारी आदेश में साफ कहा गया है कि हंडिया और नेमावर दोनों ही नर्मदा तट के धार्मिक स्थलों पर अब शराब और मांस की बिक्री बिल्कुल बंद रहेगी. यह प्रतिबंध क्षेत्र की पवित्रता, श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए लगाया गया है. स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है.

परिक्रमा पथ निर्माण का फैसला

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने एक और अहम निर्णय लिया है. हंडिया में परिक्रमा पथ का निर्माण किया जाएगा, ताकि दर्शन और धार्मिक गतिविधियों में आने वाले लोगों को बेहतर मार्ग और सुविधा मिल सके. यह कदम धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा.

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स्थानीय मांग ने दी निर्णय को मजबूती

यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि लंबे समय से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी. उनका मानना था कि हंडिया का आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व बहुत गहरा है, इसलिए इसे आधिकारिक तौर पर तीर्थ स्थल का दर्जा मिलना चाहिए. अब इस निर्णय से न केवल धार्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि यहां पर्यटन और स्थानीय विकास दोनों को बढ़ावा मिलेगा.