ग्वालियर में सियासी तनाव, कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने; पुलिस ने बैरिकेड लगाकर संभाला मोर्चा

ग्वालियर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच सियासी तनाव उस समय बढ़ गया, जब भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया. दोनों तरफ के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आमने‑सामने आ गए.

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Congress BJP Faceoff in Gwalior: ग्वालियर में शुक्रवार की सुबह से ही राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब भाजपा द्वारा कांग्रेस दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के ऐलान के बाद दोनों दल आमने‑सामने आ गए. कांग्रेस कार्यालय के बाहर और छतों पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए, जबकि भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड के उस पार जमा होकर नारेबाजी करते रहे. तनाव बढ़ने पर पुलिस ने इलाके को घेरकर रास्ते बंद कर दिए और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. कुछ देर तक चली इस तीखी नारेबाजी के बाद स्थिति धीरे‑धीरे शांत हुई.

कांग्रेस कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण माहौल

भाजपा ने दिल्ली के AIIMS समिट में हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामे के विरोध में ग्वालियर में कांग्रेस दफ्तर घेरने का ऐलान किया था. सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही शिंदे की छावनी स्थित कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए. पुलिस ने पहले ही पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया था और दोनों ओर बैरिकेड लगाकर शिंदे की छावनी रोड का यातायात रोक दिया गया.

नारेबाजी और बैरिकेड पलटने से बढ़ा तनाव

लगभग साढ़े दस बजे भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे. जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी दफ्तर की छत पर और बैरिकेड के पास जमा होकर जोर‑जोर से नारे लगाने लगे. स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हुई जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक बैरिकेड पलट दिया. हालांकि वे मुख्य बैरिकेड पार नहीं कर सके और वहीं से विरोध जताते रहे.

दोनों दलों की वापसी के बाद भी बनी अप्रिय स्थिति

कुछ समय बाद भाजपा कार्यकर्ता वहां से लौट गए और कांग्रेस कार्यकर्ता भी धीरे‑धीरे दफ्तर के अंदर चले गए. लेकिन विवाद उस समय फिर बढ़ गया जब कुछ पुलिसकर्मी कांग्रेस कार्यालय के अंदर पहुंच गए. इससे कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज़ हो गए और उन्होंने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा. स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मी तुरंत दफ्तर से बाहर आ गए.

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पुलिस और प्रशासन की भारी तैनाती

संभावित टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इलाके में फोर्स, फायर ब्रिगेड, आंसू गैस आदि की पूरी व्यवस्था कर रखी थी. एडिशनल एसपी विदिता डागर और अनु बेनीवाल सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे. हालांकि मामला बढ़ने से पहले शांत हो गया, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली.