Gwalior Murder Case: ग्वालियर में पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. अपने ही घर के लोगों से पैसे और मोबाइल वापस मांगना एक युवक को इतना भारी पड़ा कि उसे बेरहमी से पीट‑पीटकर मौत के घाट उतार दिया. आरोप है कि तीन चचेरे भाइयों ने युवक को लोहे की सांकल से बांधकर इस कदर पीटा कि वह मरणासन्न हो गया. इलाज के लिए अस्पताल छोड़ा गया, लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई.
युवक की मौत से क्षेत्र में तनाव
यह दर्दनाक घटना उपनगर ग्वालियर के शिवशक्ति नगर, घासमंडी इलाके की है. मृतक की पहचान नरेंद्र बाथम (28) पिता मुन्नालाल बाथम के रूप में हुई है. नरेंद्र एजी ऑफिस की कैंटीन में काम करता था. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों ने जमकर हंगामा किया.
शराब पार्टी के बाद पैसे और मोबाइल गायब
परिजनों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत करीब आठ दिन पहले हुई थी. नरेंद्र अपने चाचा‑ताऊ के बेटों के साथ बैठकर शराब पी रहा था. जब उसे होश आया, तो उसकी जेब से करीब 80 हजार रुपये और मोबाइल फोन गायब थे. जब उसने इस बारे में अपने चचेरे भाइयों से पूछताछ की, तो उन्होंने उलटे उसके साथ मारपीट की और उसे धमकाया.
लगातार धमकियों और मारपीट से परेशान होकर नरेंद्र के पिता ने उसे कुछ समय के लिए उसकी बहन के पास भेज दिया, ताकि मामला शांत हो सके. लेकिन यह शांति ज्यादा दिन नहीं चली.
रुपए और मोबाइल मांगने पर विवाद
मंगलवार सुबह नरेंद्र अपने पैसे और मोबाइल मांगने के लिए ताऊ दयानंद बाथम के घर पहुंचा. वहां चचेरे भाई जगदीश बाथम, राकेश बाथम और बल्लू बाथम से उसकी कहासुनी हो गई. देखते‑देखते विवाद इतना बढ़ गया कि तीनों आरोपी गाली‑गलौज पर उतर आए.
लोहे की जंजीर से बांधकर की बेरहमी से पिटाई
आरोप है कि तीनों भाइयों ने नरेंद्र के हाथ लोहे की सांकल से बांध दिए और फिर डंडों, लात‑घूंसों से उसकी पिटाई शुरू कर दी. उसे जमीन पर पटककर पेट, पीठ और चेहरे पर बेरहमी से मारा गया. इस दौरान आरोपियों की पत्नियों और बहनों ने भी मारपीट में साथ दिया.
बेहोशी के बाद भी नहीं रुके
परिजनों का दावा है कि मारपीट तब तक चलती रही, जब तक नरेंद्र बेहोश नहीं हो गया. आरोपियों का मन इससे भी नहीं भरा. उन्होंने घायल नरेंद्र पर ठंडा पानी डालकर उसे होश में लाया और दोबारा मारपीट शुरू कर दी. यहां तक कि उसके सिर पर पैर रखकर उसे दबाया गया.
जब नरेंद्र की हालत बेहद गंभीर हो गई, तो तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए. सूचना मिलने पर परिजन पहुंचे. बेहोशी की हालत में नरेंद्र पर पानी डाला गया, जिससे उसे थोड़ी देर के लिए होश आया. इसके बाद उसे घर ले जाकर कपड़े बदलवाए गए और सुला दिया गया.
शाम को हालत बिगड़ी, अस्पताल में मृत घोषित
परिजनों को लगा कि नरेंद्र की हालत संभल जाएगी, लेकिन शाम को जब उसे जगाने की कोशिश की गई तो वह नहीं उठा. आनन‑फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. नरेंद्र के पिता मुन्नालाल बाथम ने बताया कि बेटे की शादी तीन साल पहले हुई थी और अभी उसकी कोई संतान नहीं थी. बेटे की हत्या से पूरा परिवार सदमे में है.
हत्या का केस दर्ज, तीनों आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस भिजवाया. बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया. ग्वालियर थाना प्रभारी टीआई प्रशांत शर्मा ने बताया कि मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है. तीनों आरोपी जगदीश, राकेश और बल्लू बाथम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.