Gehu Kharidi 2026: गेहूं खरीदी में देरी से भड़के किसान, विदिशा-सागर हाईवे पर किया चक्काजाम

Wheat procurement in MP: नाराज किसानों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया.किसानों का कहना है कि मजबूरी में गेहूं, चना और मसूर की फसल व्यापारियों को ओने-पोने दाम में बेचने को मजबूर हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ने से किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है. विदिशा में किसानों का सब्र टूट गया और विदिशा-सागर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया गया. किसानों का आरोप है कि सरकार खरीदी शुरू नहीं कर पा रही और व्यापारियों द्वारा फसल कम दाम पर खरीदी जा रही है. कई घंटे तक हाईवे जाम रहा, प्रशासन और व्यापारियों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली.

किसानों ने विदिशा-सागर हाईवे पर किया चक्काजाम

विदिशा कृषि मंडी में पिछले 24 घंटे से लंबी कतारें लगी हुई हैं. किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं… किसानों का कहना है कि पहले खेत में संघर्ष, फिर मौसम की मार और अब सिस्टम से लड़ाई लड़नी पड़ रही है. सरकार हर दिन गेहूं खरीदी की नई तारीख दे रही है, लेकिन खरीदी शुरू नहीं हो पा रही.

Advertisement

किसानों का कहना है कि मजबूरी में किसान गेहूं, चना और मसूर की फसल व्यापारियों को ओने-पोने दाम में बेचने को मजबूर हैं. 2600 रुपये क्विंटल का भाव बताया जाता है, लेकिन किसानों को 2200 रुपये तक में फसल बेचनी पड़ रही है, जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही.

किसानों और व्यापारियों का फूटा गुस्सा

किसानों का गुस्सा जब सड़कों पर फूटा…तो व्यापारियों का गुस्सा भी प्रशासन के सामने फूट पड़ा. इस दौरान मंडी में प्रशासन और व्यापारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई. व्यापारियों ने साफ कहा कि मैन्युअल पर्ची जमा नहीं करने के आदेश मंडी प्रशासन की तरफ से दिए गए हैं…

मौके पर पहुंचा प्रशासन

कम दाम मिलने से नाराज किसानों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. इस दौरान एक किसान ने कहा कि आप बताओ एक खेत में पानी देने का कितना खर्च आता है…महंगाई आसमान छू रही है. हमें दाम नहीं मिल रहा. अगर चक्काजाम नहीं करें तो क्या करें. काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और समझाइश देकर चक्काजाम खुलवाया गया. प्रशासन का कहना है कि मंडी बोर्ड के आदेश के अनुसार ऑनलाइन भुगतान जरूरी है, लेकिन व्यापारी मैन्युअल भुगतान कर रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति बनी है.

विदिशा में किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है. कम दाम, खरीदी में देरी और सिस्टम की लापरवाही ने किसानों को चक्काजाम करने पर मजबूर कर दिया. हालांकि प्रशासन ने समझाइश देकर जाम खुलवा दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर किसानों को उनकी फसल का सही दाम कब मिलेगा.

Advertisement

ये भी पढ़ें: Success Story: गाड़ी के बजाय साइकिल से पहुंचते हैं ऑफिस, सादगी है इनकी पहचान... जानिए सागर के SP दिनेश कौशल की कहानी

.

Topics mentioned in this article