फॉरेस्ट टीम पर ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी से किया हमला, डिप्टी रेंजर का टूटा पैर, कई वनकर्मी हुए घायल

अशोकनगर के मुंगावली क्षेत्र स्थित किरौला जंगल में अवैध लकड़ी कटाई रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. घटना में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम का पैर टूट गया, जबकि कई वनकर्मी घायल हो गए. पुलिस और वन विभाग की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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अशोकनगर जिले के मुंगावली वन परिक्षेत्र के किरौला गांव के जंगल में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा किए गए हमले से हड़कंप मच गया. अवैध रूप से जंगल से लकड़ी काटकर ले जाए जाने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम को उस समय हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने लकड़ियों से भरी बैलगाड़ी को पकड़ लिया. 

गुस्साए ग्रामीणों ने अपने साथियों को बुलाकर वनकर्मियों पर हमला बोल दिया. इस हमले में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि टीम के अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है.

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सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची थी वन विभाग की टीम

जानकारी के मुताबिक वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि किरौला गांव के जंगल से पेड़ काटकर लकड़ी निकाली जा रही है और उसे बैलगाड़ियों के जरिए ले जाया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की आठ सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची. कार्रवाई के दौरान टीम ने लकड़ियों से भरी एक बैलगाड़ी को पकड़ लिया और उसे जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी.

बैलगाड़ी पकड़ने के बाद भड़के ग्रामीण

बताया जा रहा है कि बैलगाड़ी पकड़े जाने से कुछ ग्रामीण नाराज हो गए. उन्होंने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया. आरोप है कि 10 से 15 लोगों ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और कुल्हाड़ी सहित अन्य हथियारों से हमला कर दिया. हमले में कई वनकर्मी घायल हो गए. मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वनकर्मियों को खुद को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा.

डिप्टी रेंजर को गंभीर चोट, जिला अस्पताल रेफर

हमले में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम के पैर में गंभीर चोट आई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने उनके पैर पर वार किया, जिससे काफी खून बहने लगा. अन्य वनकर्मियों को भी चोटें आई हैं. घायल अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले सिविल अस्पताल मुंगावली ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया.

पुलिस पहुंची, आरोपियों की तलाश शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने घायल वनकर्मियों से जानकारी लेने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि हमले के बाद सभी आरोपी जंगल की ओर भाग गए. उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें रवाना की.

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई पूरी घटना

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वन विभाग की टीम जब्त की गई बैलगाड़ी को ट्रैक्टर की मदद से लेकर लौट रही थी. इसी दौरान कुछ ग्रामीण वाहनों से वहां पहुंचे और उन्होंने टीम पर हमला कर दिया. हमला इतना अचानक था कि वनकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. जब डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम गंभीर रूप से घायल हो गए, तब आरोपी मौके से फरार हो गए.

मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है. वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जंगल से अवैध लकड़ी कटाई और हमले दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

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