EPFO Pension को लेकर प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आ सकती है. अगर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वेज लिमिट 15 हजार रुपये से बढ़कर 30 हजार रुपये हो जाती है, तो मासिक पेंशन में बड़ा इजाफा संभव है. सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार को इस सीमा पर चार महीने में फैसला लेने के निर्देश दिए हैं.
अभी EPFO के तहत वेज लिमिट 15 हजार रुपये प्रति माह तय है. यानी सैलरी चाहे कितनी भी हो, पीएफ और ईपीएस का कैलकुलेशन इसी लिमिट के आधार पर किया जाता है. इसी वजह से EPS यानी कर्मचारी पेंशन योजना के तहत मिलने वाली पेंशन भी सीमित रह जाती है.
सवाल यह है कि वेज लिमिट 30 हजार होने पर पेंशन कितनी बढ़ेगी?
वर्तमान में EPS के तहत प्राइवेट कर्मचारियों को न्यूनतम 1000 रुपये और अधिकतम 7500 रुपये मासिक पेंशन मिलती है. लेकिन अगर वेज लिमिट 30 हजार रुपये कर दी जाती है, तो इसी फॉर्मूले के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़कर करीब 4285 रुपये और अधिकतम पेंशन 15 हजार रुपये तक पहुंच सकती है.
EPFO पेंशन कैसे होती है कैलकुलेट?
EPFO के नियमों के अनुसार पेंशन की गणना इस फॉर्मूले से की जाती है.
- पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सेवा / 70
- पेंशन योग्य सैलरी = पिछले 60 महीनों की बेसिक सैलरी + DA का औसत
- पेंशन योग्य सेवा = कुल योगदान वर्ष
फिलहाल पेंशन योग्य अधिकतम सैलरी 15 हजार रुपये और अधिकतम सेवा अवधि 35 साल मानी जाती है. अगर वेज सीलिंग बढ़ती है, तो पेंशन योग्य सैलरी भी बढ़ेगी, जिससे सीधे पेंशन का अमाउंट बढ़ जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है?
मीडिया की खबरों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार और EPFO को निर्देश दिए हैं कि EPF और EPS की मौजूदा वेज लिमिट पर दोबारा विचार किया जाए. कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि 2014 से वेज लिमिट नहीं बढ़ी, जबकि न्यूनतम वेतन और महंगाई में लगातार इजाफा हुआ है.
याचिकाकर्ता का तर्क है कि 15 हजार रुपये से ज्यादा बेसिक सैलरी पाने वाले लाखों कर्मचारी EPFO की सामाजिक सुरक्षा से बाहर हो रहे हैं, जो योजना की मूल भावना के खिलाफ है.
EPFO वेज लिमिट का इतिहास
1952 में 300 रुपये से शुरू हुई EPFO वेज लिमिट 2014 में बढ़कर 15 हजार रुपये हुई थी. इसके बाद पिछले 11 सालों से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. अब वेज लिमिट बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है.
क्या हर कर्मचारी को EPS का फायदा मिलेगा?
नियमों के मुताबिक, PF का सदस्य बने बिना EPS का सदस्य नहीं बना जा सकता. 1 सितंबर 2014 के बाद जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15 हजार से ज्यादा थी, वे EPS के दायरे से बाहर हैं, जब तक कि सरकार इसमें बदलाव नहीं करती.