CG News: छत्तीसगढ़ की सरकारी कंपनी में 115 करोड़ के घोटाले से हड़कंप, ओवरटाइम के नाम पर ऐसे लगाया गया चूना

chhattisgarh liquor scam news: जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर करीब 115 करोड़ रुपये मैनपावर एजेंसियों को भुगतान किए गए. नियमों के मुताबिक यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दी जानी थी, लेकिन हकीकत में यह रकम कर्मचारियों तक नहीं पहुंची.

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छत्तीसगढ़ की सरकारी कंपनी में 115 करोड़ के घोटाले हड़कंप, ओवरटाइम के नाम पर ऐसे लगाया गया चूना
Zulfikar Ali

CSMCL Scam: छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में ओवरटाइम भुगतान से जुड़े कथित घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं.

ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत दर्ज की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराएं 7(बी), 8 और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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ईडी की सूचना से खुला मामला

मामले की शुरुआत तब हुई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर कार्यालय ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त कर इसकी जानकारी राज्य सरकार को दी. इसी आधार पर EOW/ACB ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की.

ओवरटाइम के नाम पर 115 करोड़ का भुगतान

जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर करीब 115 करोड़ रुपये मैनपावर एजेंसियों को भुगतान किए गए. नियमों के मुताबिक यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दी जानी थी, लेकिन हकीकत में यह रकम कर्मचारियों तक नहीं पहुंची.

कमीशन के रूप में हुआ पैसों का बंटवारा

आरोप है कि यह राशि फर्जी बिलों के जरिए एजेंसियों को दी गई और फिर कमीशन के रूप में निकालकर CSMCL के अधिकारियों और निजी व्यक्तियों में बांटी गई. जांच में यह भी सामने आया है कि रकम का एक हिस्सा कथित रूप से अनवर ढेबर तक पहुंचाया जाता था.

28.80 लाख की रकम पहुंचाने जा रहे थे आरोपी

जांच में यह भी पता चला कि गिरफ्तार दोनों आरोपी 29 नवंबर 2023 को कंपनी के बैंक खाते से निकाले गए 28.80 लाख रुपये CSMCL अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए भेजे गए थे. यह रकम आरोपी नवीन प्रताप सिंह तोमर के निर्देश पर दी जानी थी.

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दोनों आरोपियों को 20 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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