जिला चिकित्सालय में चींटियों ने रोके ऑपरेशन! OT की उखड़ी टाइल्स, दरारों से अंदर पहुंचीं चींटियां

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला चिकित्सालय में मदर-चाइल्ड यूनिट के ऑपरेशन थिएटर में चींटियां पहुंचने से पिछले कई दिनों से ऑपरेशन प्रभावित हैं. उखड़ी टाइल्स और पुरानी इमारत की दरारों से चींटियां OT तक पहुंच गईं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया. अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर को अस्थायी रूप से बंद कर फ्यूमिगेशन और मरम्मत का काम शुरू कराया.

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला चिकित्सालय से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां मदर-चाइल्ड यूनिट के ऑपरेशन थिएटर (OT) में चींटियों के पहुंच जाने के कारण पिछले कई दिनों से ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं. अस्पताल की पुरानी इमारत और उखड़ी हुई टाइल्स की दरारों से चींटियां ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच गईं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया. मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को OT अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और ऑपरेशन दूसरी जगह शिफ्ट करने पड़े.

8 से 10 दिनों से प्रभावित हैं ऑपरेशन

अस्पताल सूत्रों के अनुसार मदर-चाइल्ड यूनिट के ऑपरेशन थिएटर में पिछले 8 से 10 दिनों से चींटियों की समस्या बनी हुई है. संक्रमण के खतरे को देखते हुए यहां नियमित रूप से होने वाले ऑपरेशन रोक दिए. बताया जा रहा है कि रोजाना औसतन पांच ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे, जिन्हें दूसरे ऑपरेशन थिएटर में कराना पड़ा.

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पुरानी बिल्डिंग और उखड़ी टाइल्स बनी वजह

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भवन काफी पुराना हो चुका है. ऑपरेशन थिएटर की कुछ टाइल्स उखड़ गई थीं, जिससे दरारें बन गईं. इन्हीं दरारों के जरिए चींटियां अंदर पहुंच रही थीं. ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कीड़ों की मौजूदगी से मरीजों को संक्रमण का खतरा बढ़ सकता था, इसलिए तत्काल कदम उठाए गए.

पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में ऑपरेशन थिएटर तक चींटियों का पहुंच जाना निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. मामले के बाद प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है.

मरीजों को नहीं किया रेफर

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी भी मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया. जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत थी, उनके लिए अस्पताल के दूसरे ऑपरेशन थिएटर का उपयोग किया, ताकि इलाज प्रभावित न हो और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके.

फ्यूमिगेशन और मरम्मत का काम जारी

सिविल सर्जन आशीषण मिंज के मुताबिक, जिस स्थान से चींटियां आ रही थीं उसे पूरी तरह सील कर दिया है. ऑपरेशन थिएटर में फ्यूमिगेशन समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाएं कराई गई हैं. प्रशासन का दावा है कि संक्रमण के खतरे को खत्म करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं.

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दो से तीन दिन में फिर शुरू होगा OT

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि फ्यूमिगेशन और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑपरेशन थिएटर को दोबारा शुरू किया जाएगा. अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में OT फिर से सामान्य रूप से काम करने लगेगा. फिलहाल अस्पताल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो.