Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर में 4 फरवरी को आयोजित कांग्रेस की बैठक में हुए हंगामे के बाद प्रदेश कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है. बैठक के दौरान अनुशासनहीनता के मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष बालमुकुंद गौतम के पुत्र जयवर्धन गौतम सहित चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. सभी को सात दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.
ये है मामला
यह घटना पीथमपुर के एक निजी होटल में उस वक्त हुई, जब प्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी उषा नायडू, धार जिला प्रभारी रघु परमार और जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी की मौजूदगी में बैठक चल रही थी. बैठक मुख्य रूप से क्षेत्र के बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंटों के कार्यों और उनकी समस्याओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी.
बताया गया है कि स्थानीय कांग्रेसियों द्वारा लगाए गए बैनर-पोस्टरों में अपने नेता की तस्वीर न होने से नाराज होकर जयवर्धन सिंह गौतम ने बैठक के दौरान हंगामा शुरू कर दिया. आरोप है कि जयवर्धन ने सह प्रभारी उषा नायडू और अन्य पदाधिकारियों के सामने ही बैठक स्थल पर लगे बैनर-पोस्टर फाड़ दिए. इसके बाद उनके कुछ समर्थक बैनर-पोस्टरों को पैरों से रौंदते भी नजर आए.
इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है. प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी महामंत्री संजय कामले द्वारा संबंधित कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.नोटिस पाने वालों में जयवर्धन सिंह गौतम (पिता बालमुकुंद सिंह गौतम), धनंजय अशोक राव थोरात, गजानंद जगन्नाथ पथरिया और अर्पित राकेश नागर शामिल हैं.फिलहाल पार्टी स्तर पर जवाब का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा.
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