भाजपा में कथित प्रेम प्रसंग से मचा बवाल! पदाधिकारी की पत्नी पहुंची एसपी कार्यालय, लगाए आरोप 

देवास में भाजपा से जुड़े दो पदाधिकारियों के कथित प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. नगर मंत्री की पत्नी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर उसे गाली‑गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी.

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BJP Leader Love Affair Controversy: देवास में भाजपा से जुड़े दो पदाधिकारियों के कथित प्रेम प्रसंग ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. सीनियर मंडल के नगर मंत्री और भाजपा नगर महामंत्री के बीच बताए जा रहे संबंध अब निजी दायरे से निकलकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गए हैं. मामला तब और गंभीर हो गया, जब नगर मंत्री की पत्नी सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और अपने साथ हो रहे कथित उत्पीड़न को लेकर न्याय की गुहार लगाई.

कथित संबंधों को लेकर उठा विवाद

देवास भाजपा के सीनियर मंडल में नगर मंत्री राजू सोनी और नगर महामंत्री सीनियर मंडल नीतू जाधव के बीच कथित संबंधों को लेकर विवाद सामने आया है. इस मामले ने शहर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और पार्टी के भीतर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.

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पत्नी ने एसपी कार्यालय में दी शिकायत

मामले में नया मोड़ तब आया जब राजू सोनी की पत्नी दर्पण सोनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं. उन्होंने आवेदन देकर अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए और सुरक्षा व न्याय की मांग की. दर्पण सोनी का कहना है कि वे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही हैं.

गाली-गलौज, मारपीट और धमकी के आरोप

दर्पण सोनी ने आरोप लगाया कि उनके पति का दूसरी महिला, जो भाजपा से जुड़ी नेत्री हैं, के साथ संबंध है. इसका विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की जाती है और मारपीट भी होती है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं और राजनीतिक रसूख का डर दिखाकर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है.

पहले भी पुलिस तक पहुंच चुका है मामला

यह विवाद पहले भी थाना सिटी कोतवाली पहुंच चुका है. उस समय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. बताया गया कि पारिवारिक समझौते के तहत 15 दिनों की मोहलत दी गई थी, ताकि पति कथित संबंध समाप्त कर परिवार के साथ रहे.

समझौते का नहीं हुआ असर

दर्पण सोनी का आरोप है कि न तो कथित संबंध खत्म हुए और न ही हालात सुधरे. उनका कहना है कि समझौते के बाद दबाव और बढ़ गया, जिसके चलते उन्हें फिर से पुलिस की शरण लेनी पड़ी. शिकायत के बाद से यह मामला देवास के राजनीतिक और सामाजिक माहौल में चर्चा का केंद्र बन गया है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और भाजपा की संभावित कार्रवाई पर टिकी है.  

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