दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाते हुए उनके प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं का भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए नया राजनीतिक संकट खड़ा कर रहा है. बीजेपी का आरोप है कि जीतू पटवारी चुनाव प्रचार के दौरान भ्रामक बयान देकर मतदाताओं को गुमराह कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर भी झटके लग रहे हैं.
जीतू पटवारी के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बीजेपी का आरोप है कि पटवारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ बिना पर्याप्त तथ्यों के बयान दे रहे हैं, जिससे शासकीय संस्थाओं की छवि प्रभावित हो रही है. पार्टी ने उनके बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि इससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.
आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप
बीजेपी ने अपनी शिकायत में कहा है कि जीतू पटवारी की बयानबाजी आदर्श आचार संहिता की भावना के खिलाफ है. पार्टी का दावा है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं और दतिया में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है. इसी आधार पर चुनाव आयोग से मामले की तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की.
प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की मांग
बीजेपी ने चुनाव आयोग से यह भी मांग की है कि मतदान होने तक जीतू पटवारी के दतिया में प्रवेश और चुनाव प्रचार पर रोक लगाई जाए. पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है. फिलहाल इस शिकायत पर चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया.
कांग्रेस को लगा राजनीतिक झटका
उपचुनाव के बीच कांग्रेस को एक और बड़ा झटका तब लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और दांगी समाज के प्रभावशाली चेहरे इंद्रपाल सिंह राजू दांगी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा का दामन थामा. इस घटनाक्रम को बीजेपी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है.
दांगी समाज में मजबूत पकड़ रखते हैं राजू दांगी
इंद्रपाल सिंह राजू दांगी लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और दतिया क्षेत्र में उनकी अच्छी राजनीतिक पकड़ मानी जाती है. खासकर दांगी समाज में उनका प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में उनका भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है.