CRPF परिसर में मिला जवान का कंकाल! 44 दिन बाद परिजनों ने कड़े से की पहचान 

नीमच के सीआरपीएफ परिसर में जवान का कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया. 27 दिसंबर से लापता नंदकिशोर प्रजापति की पहचान 44 दिन बाद हाथ में पहने कड़े से हुई. परिजनों ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

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CRPF Jawan Skeleton Found: एमपी के नीमच जिले के सीआरपीएफ परिसर में एक जवान का कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया. इस रहस्यमयी घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. झाड़ियों के बीच कंकाल मिलने की सूचना मिलते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.  

मृतक की पहचान नंदकिशोर प्रजापति पिता अमरचंद प्रजापति, निवासी भीम, जिला राजस्थान के रूप में हुई है. परिजनों ने मृतक जवान के हाथ में पहने कड़े के आधार पर कंकाल की पहचान की. परिजनों का कहना है कि नंदकिशोर हमेशा यही कड़ा पहनकर रखते थे. पहचान होते ही परिजन भावुक हो गए और रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया.

27 दिसंबर से लापता था जवान

जानकारी के अनुसार, नंदकिशोर प्रजापति 27 दिसंबर 2025 को अचानक लापता हो गए थे. परिजनों ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की और कोई जानकारी नहीं मिली, तो वे नीमच स्थित सीआरपीएफ कार्यालय पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि सीआरपीएफ अधिकारियों ने यह कहकर उन्हें टाल दिया कि नंदकिशोर 50 दिन की छुट्टी लेकर घर के लिए निकले हैं.

जब कई दिन बीत जाने के बाद भी नंदकिशोर घर नहीं पहुंचे, तो परिजन बार-बार सीआरपीएफ कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर बार यही कहा गया कि छुट्टी की अवधि पूरी होने के बाद ही तलाश शुरू की जाएगी.

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नीमच से दिल्ली तक गुहार, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

बेबस परिजनों ने हार नहीं मानी और मामला नीमच कैंट पुलिस तक पहुंचाया. इसके बाद दिल्ली स्थित सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया. नीमच से लेकर दिल्ली तक शिकायतों की आवाज गूंजती रही, लेकिन परिजनों का आरोप है कि किसी भी स्तर पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई. परिजनों की गुहार फाइलों में दबती चली गई और जवान की तलाश समय पर शुरू नहीं हो सकी.

44 दिन बाद परिसर में ही मिला कंकाल

लापता हुए 44 दिन बाद सीआरपीएफ परिसर की झाड़ियों में काम कर रहे जवानों को कंकाल दिखाई दिया. सूचना मिलते ही अधिकारी और परिजन मौके पर पहुंचे. कंकाल की पहचान होते ही यह स्पष्ट हो गया कि जवान पूरे समय परिसर के भीतर ही था, जिससे लापरवाही और चूक के सवाल और गहरे हो गए.

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भाई ने जताई साजिश की आशंका

मृतक नंदकिशोर प्रजापति के भाई ने इस पूरे मामले को गंभीर रूप से संदिग्ध बताया है. उनका कहना है कि नंदकिशोर के साथ कोई बड़ी घटना हुई है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है. साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है.

कैंट थाना प्रभारी का बयान

नीमच कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक नंदकिशोर प्रजापति के परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने भोपाल, उज्जैन, रतलाम और नागदा में तलाश की. रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला.

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थाना प्रभारी ने बताया कि रविवार को नंदकिशोर का शव सीआरपीएफ परिसर के अंदर ही मिला है. पहचान परिजनों ने कर ली है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सपोर्ट कर दिया गया है मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जान शुरू कर दिया.